Patna Airport: DGCA की जांच में पटना एयरपोर्ट की खामियां उजागर, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

Patna Airport: अहमदाबाद में 12 जून को हुए विमान हादसे के बाद देशभर के एयरपोर्टों की सुरक्षा जांच को और कड़ा कर दिया गया है. इसी क्रम में DGCA की सात सदस्यीय टीम दो दिवसीय औचक निरीक्षण के लिए पटना एयरपोर्ट पहुंची. बताया...

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jun 30, 2025, 8:15:50 AM

Patna Airport

पटना एयरपोर्ट - फ़ोटो GOOGLE

Patna Airport: अहमदाबाद में 12 जून को हुए विमान हादसे के बाद देशभर के एयरपोर्टों की सुरक्षा जांच को और कड़ा कर दिया गया है। इसी क्रम में नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) की सात सदस्यीय टीम दो दिवसीय औचक निरीक्षण के लिए पटना एयरपोर्ट पहुंची। पटना एयरपोर्ट को देश के खतरनाक हवाई अड्डों में शुमार किया जाता है, क्योंकि यहां का रनवे छोटा है और इससे विमान की लैंडिंग और टेकऑफ के दौरान पायलटों को विशेष सावधानी बरतनी पड़ती है।


डीजीसीए टीम ने पटना एयरपोर्ट के रनवे, एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी), पार्किंग एरिया, विमानों की फिटनेस जांच प्रणाली और पैरलल टैक्सी ट्रैक का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने पायलटों को टेकऑफ और लैंडिंग के दौरान आने वाली चुनौतियों पर विस्तृत बातचीत भी की, ताकि सुरक्षा मानकों को और बेहतर बनाया जा सके।


पटना एयरपोर्ट निदेशक केएम नेहरा ने टीम को रनवे विस्तार की वर्तमान स्थिति और योजनाओं से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि रनवे के विस्तार के लिए सचिवालय वॉच टावर को 17.5 मीटर छोटा करना होगा और चिड़ियाघर की 15 एकड़ जमीन की जरूरत है। प्रस्तावित योजना के तहत मौजूदा रनवे को पूर्व की ओर 500 मीटर और पश्चिम की ओर 200 मीटर तक बढ़ाया जाएगा, जिससे रनवे की लंबाई में सुधार होगा और सुरक्षा बढ़ेगी।


निरीक्षण के दौरान डीजीसीए टीम ने रनवे के किनारे लगे संकेतों और निशानों को स्पष्ट व ठीक करने का निर्देश दिया। मानसून के दौरान घास की नियमित कटाई और रनवे की साफ-सफाई पर भी विशेष ध्यान रखने के आदेश दिए गए हैं ताकि रनवे पर कोई बाधा न आए और विमान संचालन सुरक्षित हो।


इसके अलावा, टीम ने हवाई अड्डे के आपातकालीन प्रबंधन, फायर सर्विस, सुरक्षा बलों की तैनाती और प्रशिक्षण की स्थिति की भी जांच की। अधिकारियों ने बताया कि आगामी समय में इन क्षेत्रों में और सुधार के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराने पर भी विचार किया जाएगा।


एयरपोर्ट सूत्रों के मुताबिक, डीजीसीए टीम अब अपनी विस्तृत रिपोर्ट नागर विमानन महानिदेशालय को सौंपेगी। वहां से जारी नई गाइडलाइंस और सुरक्षा मानकों का पालन पटना एयरपोर्ट प्रशासन द्वारा कड़ाई से सुनिश्चित किया जाएगा। इस निरीक्षण का उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए एयरपोर्ट की परिचालन क्षमता और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाना है।