बाढ़ में ‘एक शाम शहीदों के नाम’ कार्यक्रम में खाली रह गई कुर्सियां, प्रचार-प्रसार को लेकर प्रशासन पर उठ रहे सवाल UCC पर डॉ प्रेम कुमार का बड़ा बयान, बोले- ‘एक देश, एक कानून’ पूरे भारत में लागू हो मंत्री अशोक चौधरी बने असिस्टेंट प्रोफेसर, पटना के एएन कॉलेज में ली पहली क्लास मुंगेर के स्कूल में बड़ी चोरी: ताले तोड़कर लाखों की संपत्ति को पहुंचाया नुकसान, निर्माण सामग्री भी किया गायब मुजफ्फरपुर में रामनवमी को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम: चप्पे-चप्पे पर रहेगी पुलिस की नजर, ड्रोन और CCTV से होगी निगरानी पटना लूट कांड का खुलासा: 20 लाख लूट मामले में एक आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी हाजीपुर में निगरानी की बड़ी कार्रवाई, 50 हजार घूस लेते खनन विभाग के दो कर्मचारी रंगेहाथ गिरफ्तार पटना में रामनवमी पर हाई अलर्ट, महावीर मंदिर समेत प्रमुख स्थलों पर कड़ी सुरक्षा के प्रबंध BIHAR: गांव के दबंगों ने दलित युवक को बेरहमी से पीटा, पुलिस से लगाई न्याय की गुहार Bihar News: गंगा में नहाने गए चार दोस्त… अचानक गहराई में समाए, दो की दर्दनाक मौत से गांव में मचा कोहराम
23-Sep-2024 02:56 PM
By First Bihar
DESK: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में भोजपुरी गायिका व एक्ट्रेस अक्षरा सिंह के कार्यक्रम में जमकर बवाल हो गया। आजमगढ़ महोत्सव में अक्षरा सिंह जैसे ही भोजपुरी गाने पर ठुमके लगाने लगी तभी असामाजिक तत्वों ने स्टेज पर जूते-चप्पल फेंक दिया। ऐसा किये जाने से अक्षरा सिंह नाराज हो गयी और कार्यक्रम को बीच में रोक दिया।
कार्यक्रम रोके जाने से गुस्साएं लोगों ने जमकर बवाल मचाया। लोग बैरिकेडिंग तोड़कर मंच की तरफ बढ़ने लगे। हंगामा इतना तेज हो गया कि अक्षरा कार्यक्रम छोड़कर मंच से चली गयी। इस दौरान लोगों शांत कराने के लिए पुलिस को लाठियां भांजनी पड़ गई। जिसके कारण आजमगढ़ महोत्सव में अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न हो गयी।
बता दें कि अक्षरा सिंह के प्रोग्राम में बवाल का यह कोई पहला मामला नहीं है बल्कि इससे पहले भी कई प्रोग्राम हंगामे के भेट चढ़ गया। इससे पहले यूपी के जौनपुर में भी कुर्सियां फेंकी गयी थी तब खूब हंगामा हुआ था। इस दौरान जमकर मारपीट और तोड़फोड़ भी हुई थी। उस वक्त भी अक्षरा को परफोर्मेंस छोड़कर जाना पड़ गया था। वही बिहार के औरंगाबाद, खगड़िया, सिद्धार्थनगर महोत्सव सहित अक्षरा सिंह के कई कार्यक्रमों में जमकर बवाल हुआ था वहां भी परफोर्मेंस बीच में छोड़कर अक्षरा को मंच से जाना पड़ा था।