बिहार में अपराधियों का तांडव जारी: इंजीनियर की गोली मारकर हत्या, इलाके में सनसनी पटना: MLA फ्लैट में बिजली के कवर तार में आग लगने से मची अफरा-तफरी, विद्युत आपूर्ति ठप सहरसा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, लग्जरी कार से भारी मात्रा में प्रतिबंधित कफ सिरप बरामद, 4 तस्कर गिरफ्तार नशे में धुत युवक ने की फायरिंग, महिला घायल, आरोपी को ग्रामीणों ने पकड़ा आरा–बक्सर फोरलेन पर भीषण सड़क हादसा, तीन युवकों की दर्दनाक मौत, एक की हालत गंभीर बिहार कांग्रेस विधायक दल के नेता पर आज फैसला संभव, पटना में अहम बैठक छपरा में फर्जी IAS बनकर DM से मिलने पहुंचा युवक गिरफ्तार, टाउन थाने में FIR दर्ज Bihar Crime News: बिहार में मोबाइल के लिए बड़े भाई ने ले ली छोटे भाई की जान, हत्या की वारदात से सनसनी Bihar Crime News: बिहार में मोबाइल के लिए बड़े भाई ने ले ली छोटे भाई की जान, हत्या की वारदात से सनसनी सीके अनिल ने अंचलाधिकारियों को मंत्री के सामने हड़काया, कहा..कल तक हड़ताल वापस लो, नहीं तो हो जाओगे डिसमिस
24-Oct-2023 04:28 PM
By First Bihar
PATNA: बिहार में धवस्त हो चुकी शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए शिक्षा विभाग के एसीएस केके पाठक लगातार सख्त फैसले ले रहे हैं। पिछले दिनों केके पाठक ने आदेश दिया था कि लगातार 15 दिनों तक स्कूल से गायब रहने वाले बच्चों का नाम काट दिया जाएगा। केके पाठक के इस आदेश का असर दिखा और राज्यभर के स्कूलों से 20 लाख से अधिक बच्चों का नाम काट दिया गया। केके पाठक के इस फैसले को लेकर अब सियासत शुरू हो गई है।
राज्यभर के स्कूलों से बीस लाख से अधिक बच्चों का नाम काटे जाने पर कांग्रेस ने आपत्ति जताई है। कांग्रेस विधायक अजीत शर्मा ने इसको लेकर नाराजगी जताई है और कहा है कि केके पाठक का यह फैसला पूरी तरह से गलत है। अजीत शर्मा ने कहा है कि 15 दिनों तक जो बच्चे स्कूल नहीं आए उनका नाम काटा गया है, यह काफी गलत है। विधायक ने कहा कि विभाग को पहले बच्चों और उनके अभिभावकों यह जानकारी देनी चाहिए थी कि अगर स्टूडेंट 15 दिन तक अबसेंट रहेंगे तो उनका नाम काट दिया जाएगा और वो परीक्षा में नहीं बैठ पाएंगे लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
उन्होंने कहा है कि शिक्षा विभाग के इस फैसले से बच्चों के भविष्य पर असर पड़ेगा और जिन बच्चों का नाम काटा गया है उनका पूरा करियर ही बर्बाद हो जाएगा। बच्चे देश के भविष्य होते हैं, आपने सीधे उनका नाम स्कूलों से काट दिया, कम से कम उनको इसकी खबर तो देनी चाहिए थी कि आप ऐसा करने जा रहे हैं।
बता दें कि लगातार 15 दिनों से अधिक समय तक स्कूलों से गायब रहने वाले छात्र-छात्राओं के खिलाफ शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। एसीएस केके पाठक के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने राज्यभर के 20 लाख 87 हजार 63 बच्चों का नाम स्कूलों से काट दिया है। इसमें 9वीं से 12वीं तक के बच्चे भी शामिल हैं, जिनकी संख्या दो लाख से अधिक है। ऐसे में इन बच्चों की मैट्रिक और इंटर की परीक्षा भी प्रभावित हो जाएगी और इसका असर उनके भविष्य पर पड़ेगा।