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04-Aug-2024 03:13 PM
By First Bihar
PATNA : देश भर में मानसून तबाही मचा रहा है। ऐसे में मानसून ने कई जगहों पर गहरे जख्म दिए हैं। कई राज्य के कुछ हिस्सों में मुसलाधार बारिश का तांडव देखने को मिला है। बाढ़ और भूस्खलन ने परिवार के परिवार खत्म कर दिए हैं। ऐसे में ताजा मामला हिमाचल प्रदेश से सामने आया है। जहां पिछले 37 दिनों में फ़्लैश फ्लड, भूस्खलन और बादल फटने की 47 घटनाएं सामने आई हैं। राज्य के 22 स्थानों पर फ़्लैश फ्लड ने कहर बरपाया है।
केंद्र की रिपोर्ट के मुताबिक मॉनसून सीजन के पिछले 37 दिनों में प्रदेश में फ़्लैश फ्लड, भूस्खलन और बादल फटने की 47 घटनाएं सामने आई हैं। राज्य के 22 स्थानों पर फ़्लैश फ्लड ने कहर बरपाया, 17 स्थानों पर भूस्खलन और आठ जगह बादल फटने से तबाही हुई। इनमें 10 लोगों की जान गई और 46 लापता हो गए हैं। जबकि चार लोग घायल हैं।
वहीं, आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार बादल फटने की अलग-अलग घटनाओं में 120 घर क्षतिग्रस्त हुए, जिनमें 64 घर पूरी तरह से ध्वस्त हो गए। जबकि 37 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचाया। फ्लैश फ्लड ने 18 और भूस्खलन ने एक घर को धराशायी किया। फ्लैश फ्लड, भूस्खलन और बादल फटने से 14 दुकानें भी बह गईं। इससे 24 पशुशालाएँ भी ध्वस्त हुईं और 54 मवेशियों की जान गई।
उधर, तीन जिलों में बादल फटने से 10 लोग मारे गए और 45 लापता हैं। इनके बचने की संभावना नहीं है। शिमला जिला के रामपुर उपमण्डल का समेज गांव बादल फटने से पूरी तरह तबाह हो गया। हादसे में 36 लोग लापता हैं। जिसके बाद लगातार सर्च ऑपरेशन जारी है। लेकिन, लापता लोगों का कोई सुराग नहीं मिल पाया। ऐसे में अब सर्च ऑपरेशन में लाइव डिटेक्टर डिवाइस और स्निफर डॉग की मदद ली जा रही है।एनडीआरएफ एसडीआरएफ पुलिस आइटीबीपी होमगार्ड के जवान करीब 85 किलोमीटर एरिया में सर्च ऑपरेशन में जुटे हैं।