ब्रेकिंग
Bihar News: मंत्री और कार्यकर्ता में भिड़ंत...माइक की छीना झपटी, दोनों के बीच जबरदस्त टकरावBihar News: जहानाबाद के DEO लपेटे में आए, सात साल पुराने मामले में चलेगी विभागीय कार्यवाही...बाढ़ पीड़ितों के बीच राहत सामग्री बांटने पहुंची अक्षरा सिंह पत्रकार के सवाल पर भड़कीं, कहा..लोग खाने के लिए तरस रहे हैं और आपको मेरी शादी की चिंता पड़ी हुई हैबिहार में ईंट भट्ठा मालिकों को बड़ी राहत, सरकार ने ब्याज कर दिया माफबिहार कैबिनेट की अहम बैठक खत्म, विभिन्न विभागों से जुड़े 17 एजेंडों पर लगी मुहरBihar News: मंत्री और कार्यकर्ता में भिड़ंत...माइक की छीना झपटी, दोनों के बीच जबरदस्त टकरावBihar News: जहानाबाद के DEO लपेटे में आए, सात साल पुराने मामले में चलेगी विभागीय कार्यवाही...बाढ़ पीड़ितों के बीच राहत सामग्री बांटने पहुंची अक्षरा सिंह पत्रकार के सवाल पर भड़कीं, कहा..लोग खाने के लिए तरस रहे हैं और आपको मेरी शादी की चिंता पड़ी हुई हैबिहार में ईंट भट्ठा मालिकों को बड़ी राहत, सरकार ने ब्याज कर दिया माफबिहार कैबिनेट की अहम बैठक खत्म, विभिन्न विभागों से जुड़े 17 एजेंडों पर लगी मुहर

‘जनता ने नीतीश को चुना, एनडीए को नहीं’, सीएम के राज्यसभा जाने के फैसले पर JDU कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन

Bihar Politics: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के संभावित राज्यसभा जाने की चर्चा के विरोध में मधेपुरा में जदयू कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि जनता ने नीतीश कुमार को चुना है, इसलिए उन्हें बिहार की राजनीति में ही सक्रिय रहना चाहिए।

Bihar Politics
© Reporter
Mukesh Srivastava
2 मिनट

Bihar Politics: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने को लेकर मधेपुरा में जदयू कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री से राज्यसभा जाने के निर्णय को वापस लेने की मांग की और कहा कि उन्हें बिहार की जनता के बीच रहकर ही राज्य का नेतृत्व करना चाहिए।


प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने कहा कि चुनाव में जनता ने नीतीश कुमार के नेतृत्व और उनके काम पर भरोसा जताते हुए उन्हें चुना था, न कि केवल एनडीए गठबंधन को। ऐसे में उन्हें राज्यसभा भेजने की चर्चा कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भावना के खिलाफ है।


कार्यकर्ताओं ने कहा कि नीतीश कुमार ने अपने कार्यकाल में महिलाओं को सम्मान और अधिकार दिलाने के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए। पंचायत और नगर निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया, जिससे बड़ी संख्या में महिलाएं नेतृत्व की भूमिका में आईं। 


इसके अलावा बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए साइकिल और पोशाक योजना, शराबबंदी जैसे फैसलों को भी महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा से जोड़ा गया। प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून-व्यवस्था के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण सुधार किए हैं। उनके नेतृत्व में राज्य में विकास और सुशासन की नई पहचान बनी है।


कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पार्टी के कुछ बड़े नेता अपने राजनीतिक हितों के लिए मुख्यमंत्री को राज्यसभा भेजने की चर्चा को हवा दे रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की कि वे कार्यकर्ताओं और जनता की भावना का सम्मान करते हुए इस फैसले पर पुनर्विचार करें और बिहार की सक्रिय राजनीति में बने रहें।

रिपोर्टिंग
F

रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता