मुजफ्फरपुर से चोरी हुआ महाराष्ट्र नंबर कंटेनर झारखंड से बरामद, अंतरराज्यीय शराब तस्करी गिरोह का हाथ, एक गिरफ्तार

मुजफ्फरपुर पुलिस ने मनियारी थाना क्षेत्र से चोरी हुए महाराष्ट्र नंबर के कंटेनर को झारखंड के पलामू जिले से बरामद किया। इस मामले में अंतरराज्यीय शराब तस्करी गिरोह का पर्दाफाश हुआ और विनोद यादव को गिरफ्तार किया गया।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 08, 2026, 10:20:01 PM

बिहार न्यूज

पुलिस की बड़ी कार्रवाई - फ़ोटो रिपोर्टर

MUZAFFARPUR: मुजफ्फरपुर पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। मनियारी थाना क्षेत्र से चोरी हुए एक विशाल कंटेनर को पुलिस ने पड़ोसी राज्य झारखंड के पलामू जिले से सुरक्षित बरामद कर लिया है। यह कार्रवाई बिहार और झारखंड पुलिस के बेहतर समन्वय और तकनीकी जांच का परिणाम है।


रिलायंस पेट्रोल पंप से हुई थी चोरी

मामला बीते 27 फरवरी की रात का है। मुजफ्फरपुर के मनियारी थाना क्षेत्र स्थित रिलायंस पेट्रोल पंप के समीप खड़ा एक महाराष्ट्र नंबर का कंटेनर रहस्यमय तरीके से गायब हो गया था। वाहन के चोरी होने के बाद ट्रक मालिक और चालक के होश उड़ गए, जिसके बाद तुरंत स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई। मामला दर्ज होते ही पुलिस की एक विशेष टीम गठित की गई और जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई।


झारखंड के पलामू से बरामद 

डीएसपी पश्चिमी-2, अनिमेश चंद्र ज्ञानी के नेतृत्व में पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों (जैसे सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन) और मानवीय इनपुट के आधार पर संदिग्धों का पीछा करना शुरू किया। जांच की कड़ियां जुड़ती गईं और अंततः सुराग झारखंड के पलामू जिले के छतरपुर थाना क्षेत्र तक जा पहुँचा। मुजफ्फरपुर पुलिस ने झारखंड पुलिस के सहयोग से छतरपुर निवासी विनोद यादव के घर पर अचानक छापेमारी की। वहां पुलिस को वही चोरी किया हुआ कंटेनर बरामद हुआ।


पहचान छिपाने के लिए बदला फर्जी नंबर प्लेट

शातिर अपराधियों ने पुलिस को चकमा देने की पूरी तैयारी कर रखी थी। ट्रक को बरामद करने के बाद जब पुलिस ने उसकी जांच की, तो पाया कि अपराधियों ने महाराष्ट्र के मूल रजिस्ट्रेशन नंबर को हटाकर उसकी जगह पटना (BR-01) का फर्जी नंबर प्लेट लगा दिया था। पुलिस के अनुसार, वाहन की पहचान छिपाने के लिए इस तरह की जालसाजी की गई थी ताकि सड़क पर चलते समय किसी को शक न हो।


अंतरराज्यीय शराब तस्करी गिरोह का पर्दाफाश

मामले का खुलासा करते हुए डीएसपी अनिमेश चंद्र ज्ञानी ने बताया कि इस चोरी के पीछे एक बड़े अंतरराज्यीय शराब तस्करी गिरोह का हाथ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शराब तस्कर अक्सर चोरी के बड़े वाहनों का उपयोग अवैध शराब की ढुलाई के लिए करते हैं। चोरी के वाहनों और फर्जी नंबर प्लेटों के इस्तेमाल से वे पुलिस की चेकिंग से बचने की कोशिश करते हैं।


मुख्य सरगना की तलाश जारी

पुलिस ने इस मामले में विनोद यादव को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ के दौरान एक बड़े शराब तस्कर का नाम भी सामने आया है, जो इस पूरे सिंडिकेट को संचालित कर रहा है। पुलिस अब उस मुख्य माफिया की गिरफ्तारी के लिए अग्रिम कार्रवाई कर रही है। फिलहाल बरामद कंटेनर को मुजफ्फरपुर लाया जा रहा है और विनोद यादव को न्यायिक हिरासत में भेजने की तैयारी की जा रही है। इस कार्रवाई से इलाके के शराब तस्करों में हड़कंप मच गया है।