मधुबनी पुलिस की बड़ी कार्रवाई: TOP-10 अपराधी और गांजा तस्कर नरेश यादव गिरफ्तार झारखंड के बोकारो में हाथियों का तांडव, एक ही परिवार के 3 लोगों की रौंदा मुजफ्फरपुर में सरकारी गाड़ी के दुरुपयोग का वीडियो वायरल, तिमुल अध्यक्ष की फैमिली पर सवाल, ग्रामीण SP ने दिए जांच के आदेश पटना में बिना निशान थायरॉइड सर्जरी की ऐतिहासिक सफलता, रुबन मेमोरियल हॉस्पिटल में नई मेडिकल उपलब्धि Bihar News: होली पर घर आना चाहते हैं तो आपके लिए है 285 स्पेशल ट्रेन, ECR ने दी जानकारी Bihar News: बिहार में अवैध खनन के खिलाफ सरकार सख्त, एक महीने में करीब पांच हजार जगहों पर छापेमारी; 673 वाहन जब्त Bihar News: बिहार में अवैध खनन के खिलाफ सरकार सख्त, एक महीने में करीब पांच हजार जगहों पर छापेमारी; 673 वाहन जब्त बिहटा के NSMCH में Annual College Fest “ADRENERGY 2.0” का भव्य शुभारंभ, 8 दिनों तक चलेगा कार्यक्रम मधुबनी: अंतर्राष्ट्रीय साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश, चार ठग गिरफ्तार Bihar News: होली-ईद पर यात्रियों को बड़ी राहत, बिहार के इस शहर से दिल्ली, गुरुग्राम और अंबाला के लिए विशेष बस सेवा शुरू
17-Jan-2024 08:56 AM
By First Bihar
PATNA : बिहार की पटना हाई कोर्ट ने नाबालिग बच्चे और बच्चियों के गायब होने पर उन्हें जल्द से जल्द बरामद करने के लिए राज्य के डीजीपी को एसओपी जारी करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही ये भी कहा कि- राज्य की पुलिस जनता के लिए काम नहीं करती। जब अपने ऊपर गुजरता हैं, तब उन्हें दर्द महसूस होता है।
दरअसल,पटना हाईकोर्ट के न्यायाधीश राजीव रंजन प्रसाद की एकलपीठ ने अपहृत बच्चे के पिता विनय कुमार की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि वर्ष 2018 में बच्चा गायब हुआ और पुलिस अब तक उसे खोज नहीं सकी। आखिर पुलिस अबतक इस मामले में कोई एक्शन क्यों नहीं लिया है।
कोर्ट ने पुलिस के उदासीन रवैये पर टिप्पणी करते हुए कहा कि पुलिस की वर्दी उतर जाने के बाद स्वयं उन पर इस तरह की घटना घट जाती होगी तब उन्हें जरूर याद आता होगा कि एक समय पीड़ित परिवार कैसे उनके सामने गिड़गिड़ाते थे। 60 वर्ष की उम्र में नौकरी (रिटायरमेंट) के बाद वर्दी साथ नहीं रहेंगी।
कोर्ट ने कहा कि वर्ष 2018 में बच्चा गायब हुआ और पुलिस अब तक उसे खोज नहीं सकी। जब कोर्ट ने कहा कि जब इस मामले में सुनवाई शुरू की तो पुलिस ने आनन-फानन में गत 13 फरवरी को एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन कर दिया। यह सिर्फ इसलिए किया गया कि जांच अधिकारी की कमियों को छिपाया जा सके।
इसके आगे कोर्ट ने कहा कि गत दिनों डी.एस.पी. ने कोर्ट को भरोसा दिलाया था कि वह मामले को गंभीरता और ईमानदारी से लेंगे. पीड़ित लड़के का पता लगाने और अपराधी को जल्द से जल्द पकड़ने का प्रयास करेंगे।लेकिन, आज तक बच्चा के बारे में कोई सुराग नहीं लगा सकें। कोर्ट ने इस मामले में सीबीआई को पार्टी बनाने का आदेश दिया। ताकि सीबीआई पुलिस अधिकारियों के कार्यकलापों की जांच कर सकें।
आपको बताते चलें कि, यह मामला पटेल नगर स्थित देव पब्लिक स्कूल में दसवीं कक्षा में पढ़ने वाला घर से स्कूल गये 2018 में गायब हो गया। काफी खोजबीन किये जाने पर जब कुछ पता नहीं चला, तो शास्त्रीनगर थाना में प्राथमिकी कांड संख्या 636/18 दर्ज कराई। कोर्ट का मानना था कि समय बीत जाने पर साक्ष्य मिलना नामुमकिन हो जाता है। ऐसे में गायब बच्चों की बरामदगी आसान नहीं होती।