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ऐसा लल्लू - पथु को हमने बहुत देखा है, ललन सिंह पर बोले केंद्रीय मंत्री ... राबड़ी की बात भूल गए क्या, इन्होंने मिटा दिया वंश की इज्जत

 ऐसा लल्लू - पथु को हमने बहुत देखा है, ललन सिंह पर बोले केंद्रीय मंत्री ... राबड़ी की बात भूल गए क्या, इन्होंने मिटा दिया वंश की इज्जत

06-Aug-2023 05:30 PM

By First Bihar

BUXER : अरे सुन लीजिए ऐसा लल्लू - पथु को हमने बहुत देखा है, जो लोक-लाज की बात करता है। लज्जा भी उसपर शरमा गयी है। क्या कहा था उसी विधानसभा में बिहार में राबड़ी देवी जी ने भूल गया उसको। क्या कहा था मुख्यमंत्री  के बारे में, क्या कहा था इस कुमार के बारे में मैं नाम लेना पसंद नहीं करता हूं। इनलोगों ने अपने कुल और खानदान को भी बेजज्ति करने का काम किया है। राबड़ी देवी विधानसभा में बोली, बाद में इन्होंने केस किया,पूछो उनसे क्यों बिना किसी कारण के केस वापस कर लिए। अपने परिवार की इज्जज्त को मिटा दिया। वंश की इज्जत मिटा दिया। ये हमको सिखाएंगे जो पूरी तरह से पलटनिया कुमार हैं, घमंडी कुमार हैं। यह तमाम बातें भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री अश्वनी कुमार चौबे ने ललन सिंह के तरफ से सदन में लोकलाज की बात कहने को लेकर कही है। 


दरअसल, लोकसभा में मॉनसून सत्र के दौरान दिल्ली अध्यादेश बिल पर जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह ने भाजपा को खूब खड़ी खोटी सुनायी थी। ललन सिंह ने कहा था कि- लोकतंत्र में सबसे बड़ी चीज लोकलाज होती है। अब  ललन सिंह के इस बयान पर भाजपा नेताओं में आक्रोश है। भाजपा के नेता लगातार ललन सिंह पर हमला कर रहे हैं। इसी कड़ी में  रविवार को बक्सर में अश्विनी चौबे ने ललन सिंह पर राबड़ी देवी के एक पुराने बयान का हवाला देते हुए हमला किया। चौबे ने कहा कि -  राबड़ी देवी विधानसभा क्या बोली, जो इन्होंने केस किया, पूछो उनसे क्यों बिना किसी कारण के केस वापस कर लिए। अपने परिवार की इज्जज्त को मिटा दिया। वंश की इज्जत मिटा दिया। ये हमको सिखाएंगे ? 


मालूम हो कि, राजद नेत्री और बिहार की पहली महिला सीएम राबड़ी देवी ने 2009 लोकसभा चुनाव के दौरान सारण जिले के गरखा में 5 अप्रैल को ललन सिंह और नीतीश कुमार के रिश्ते को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसके बाद राजीव रंजन सिंह उर्फ़ ललन सिंह ने पटना सिविल कोर्ट में 13 अप्रैल  को राबड़ी देवी के खिलाफ एक परिवाद पत्र दाखिल किया था।  जिसमें उन्होंने मानहानि का आरोप लगाया गया था। हालांकि, 2015 में जदयू और राजद का गठबंधन बनने के बाद ललन सिंह और राबड़ी देवी ने 12 जनवरी 2015 में इस केस में सुलह कर लिया था।अब इसी मामले को लेकर अश्वनी कुमार चौबे ने ललन सिंह पर सवाल उठाया है। 


आपको बताते चलें कि, लोकसभा का मॉनसून सत्र तीन अगस्त को दिल्ली अध्यादेश बिल पर जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने कहा था कि- लोकतंत्र में सबसे बड़ी चीज लोकलाज होती है। इसके बाद सत्ता पक्ष के सांसदों ने हंगामा करना शुरू कर दिया था। हालांकि, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी ललन सिंह को जवाब देते हुए कहा कि - राजीव रंजन लोकलाज के बारे में आप तो मत ही बोलिए।  क्योंकि जिस चारा घोटाला को लेकर बिहार की जनता के सामने गए थे, अब वही चारा घोटाला करने वालों के साथ बैठे हैं। 

BUXER : अरे सुन लीजिए ऐसा लल्लू - पथु को हमने बहुत देखा है, जो लोक-लाज की बात करता है। लज्जा भी उसपर शरमा गयी है। क्या कहा था उसी विधानसभा में बिहार में राबड़ी देवी जी ने भूल गया उसको। क्या कहा था मुख्यमंत्री  के बारे में, क्या कहा था इस कुमार के बारे में मैं नाम लेना पसंद नहीं करता हूं। इनलोगों ने अपने कुल और खानदान को भी बेजज्ति करने का काम किया है। राबड़ी देवी विधानसभा में बोली, बाद में इन्होंने केस किया,पूछो उनसे क्यों बिना किसी कारण के केस वापस कर लिए। अपने परिवार की इज्जज्त को मिटा दिया। वंश की इज्जत मिटा दिया। ये हमको सिखाएंगे जो पूरी तरह से पलटनिया कुमार हैं, घमंडी कुमार हैं। यह तमाम बातें भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री अश्वनी कुमार चौबे ने ललन सिंह के तरफ से सदन में लोकलाज की बात कहने को लेकर कही है। 


दरअसल, लोकसभा में मॉनसून सत्र के दौरान दिल्ली अध्यादेश बिल पर जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह ने भाजपा को खूब खड़ी खोटी सुनायी थी। ललन सिंह ने कहा था कि- लोकतंत्र में सबसे बड़ी चीज लोकलाज होती है। अब  ललन सिंह के इस बयान पर भाजपा नेताओं में आक्रोश है। भाजपा के नेता लगातार ललन सिंह पर हमला कर रहे हैं। इसी कड़ी में  रविवार को बक्सर में अश्विनी चौबे ने ललन सिंह पर राबड़ी देवी के एक पुराने बयान का हवाला देते हुए हमला किया। चौबे ने कहा कि -  राबड़ी देवी विधानसभा क्या बोली, जो इन्होंने केस किया, पूछो उनसे क्यों बिना किसी कारण के केस वापस कर लिए। अपने परिवार की इज्जज्त को मिटा दिया। वंश की इज्जत मिटा दिया। ये हमको सिखाएंगे ? 


मालूम हो कि, राजद नेत्री और बिहार की पहली महिला सीएम राबड़ी देवी ने 2009 लोकसभा चुनाव के दौरान सारण जिले के गरखा में 5 अप्रैल को ललन सिंह और नीतीश कुमार के रिश्ते को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसके बाद राजीव रंजन सिंह उर्फ़ ललन सिंह ने पटना सिविल कोर्ट में 13 अप्रैल  को राबड़ी देवी के खिलाफ एक परिवाद पत्र दाखिल किया था।  जिसमें उन्होंने मानहानि का आरोप लगाया गया था। हालांकि, 2015 में जदयू और राजद का गठबंधन बनने के बाद ललन सिंह और राबड़ी देवी ने 12 जनवरी 2015 में इस केस में सुलह कर लिया था।अब इसी मामले को लेकर अश्वनी कुमार चौबे ने ललन सिंह पर सवाल उठाया है। 


आपको बताते चलें कि, लोकसभा का मॉनसून सत्र तीन अगस्त को दिल्ली अध्यादेश बिल पर जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने कहा था कि- लोकतंत्र में सबसे बड़ी चीज लोकलाज होती है। इसके बाद सत्ता पक्ष के सांसदों ने हंगामा करना शुरू कर दिया था। हालांकि, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी ललन सिंह को जवाब देते हुए कहा कि - राजीव रंजन लोकलाज के बारे में आप तो मत ही बोलिए।  क्योंकि जिस चारा घोटाला को लेकर बिहार की जनता के सामने गए थे, अब वही चारा घोटाला करने वालों के साथ बैठे हैं।