ब्रेकिंग न्यूज़

बिहार पंचायत चुनाव 2026 की तैयारियां तेज, इस बार EVM और फेशियल रिकग्निशन से होगी वोटिंग बिहार पंचायत चुनाव 2026 की तैयारियां तेज, इस बार EVM और फेशियल रिकग्निशन से होगी वोटिंग बिहार में रफ्तार का कहर: मॉर्निंग वॉक के दौरान पुलिस अधिकारी की कार ने दंपति को रौंदा, दोनों की मौके पर हुई मौत पटना में JP गंगा पथ का विस्तार, सिर्फ आधे घंटे में दीघा से कोईलवर; जल्द बनकर तैयार होगी फोरलेन सड़क पटना में JP गंगा पथ का विस्तार, सिर्फ आधे घंटे में दीघा से कोईलवर; जल्द बनकर तैयार होगी फोरलेन सड़क केंद्रीय विद्यालय में नामांकन की प्रक्रिया शुरू, कक्षा 1 और बालवाटिका में ऐसे कराएं अपने बच्चों का एडमिशन केंद्रीय विद्यालय में नामांकन की प्रक्रिया शुरू, कक्षा 1 और बालवाटिका में ऐसे कराएं अपने बच्चों का एडमिशन बिहार के सरकारी स्कूलों में अप्रैल से कंप्यूटर की पढाई अनिवार्य, परीक्षाएं भी होंगी आयोजित; बच्चों को स्मार्ट बनाने की तैयारी बिहार के सरकारी स्कूलों में अप्रैल से कंप्यूटर की पढाई अनिवार्य, परीक्षाएं भी होंगी आयोजित; बच्चों को स्मार्ट बनाने की तैयारी चैती छठ को लेकर पटना में ट्रैफिक एडवाइजरी जारी, कई मार्गों पर डायवर्जन और प्रतिबंध लागू

Home / news / अब एक पैर से नहीं बल्कि अपने दोनों पैरों से चलेगी सीमा, जमुई...

अब एक पैर से नहीं बल्कि अपने दोनों पैरों से चलेगी सीमा, जमुई जिला प्रशासन ने लगवाया कृत्रिम पैर

27-May-2022 09:10 PM

JAMUI: एक पैर से चलने वाली सीमा को पहले जिला प्रशासन ने ट्राइसाइकिल दिया अब कृत्रिम पैर लगवाया है। अब जमुई की बेटी सीमा अपने दोनों से चल सकेगी। उसे एक पैर से कूदकर स्कूल अब नहीं जाना पड़ेगा। जमुई के डीएम अवनीश कुमार सिंह खुद सीमा के घर गये और कृत्रिम पैर लगवाया। कृत्रिम पैर लगने से सीमा काफी खुश है। अब वह अपने दोनों पैरों पर चल रही है। उसे देख घरवाले भी काफी खुश नजर आ रहे हैं।   


हम बात जमुई के खैरा प्रखंड के फतेहपुर गांव की रहने वाली सीमा की कर रहे हैं। जो एक पैर के कूदकर स्कूल पढ़ने के लिए जाती थी। जब सोशल मीडिया पर उनकी यह तस्वीर वायरल हुई तब कई समाजसेवी और जनप्रतिनिधि मदद के लिए घर पहुंचने लगे। किसी ने कॉपी, किताब, पेन्सिल तो किसी ने आर्थिक मदद की। सीमा को ट्राईसाइकिल देने के बाद जिला प्रशासन ने आज कृत्रिम पैर लगवाया। 


जिला प्रशासन की पूरी टीम ने सीमा को पढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। पढ़ाई के प्रति लगाव को देख लोगों ने उसे खूब सराहा। खुद जमुई डीएम ने कहा कि पढाई के प्रति सीमा की जो हौसला है वह काबिल-ए-तारीफ है जो अन्य बच्चों के लिए भी प्रेरणादायक है। डीएम अवनीश कुमार ने कहा कि जिस स्कूल में सीमा पढ़ती है उसे स्मार्ट क्लास बनाया जाएगा और उसके परिवार को सरकारी योजनाओं का लाभ भी जल्द मिलेगा। सीमा का सपना शिक्षक बनना है वह चाहती है कि वह एक शिक्षक बने और बच्चों को शिक्षित करने का काम करे। सीमा के जज्बे को फर्स्ट बिहार सलाम करता है। 


बता दें कि अपने हौसले के कारण लोगों में चर्चा का विषय बन चुकी सीमा जमुई जिले के फतेहपुर गांव में सरकारी स्कूल में पढ़ती है। 10 साल की सीमा कक्षा चौथी की छात्रा है। परिवार की बात करें तो सीमा के माता-पिता दोनों ही अशिक्षित हैं। महादलित वर्ग से आने वाले सीमा के पिता खीरन मांझी बाहर मजदूरी करते हैं तो वहीं, मां बेबी देवी ईंट भट्टे पर काम करती हैं। यह जानकर आपको हैरानी होगी कि सीमा एक पैर न होते हुए भी रोज घर से स्कूल तक एक किलोमीटर का सफर पैदल ही तय करती है। सड़क न होने के बावजूद पगडंडियों के सहारे वह अपने स्कूल पहुंचती थी। किसी के ऊपर भार न बनते हुए वह अपने सारे काम खुद ही पूरा करती थी। 


बीते दिनों जमुई की 10 वर्षीय बच्ची सीमा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। वायरल वीडियो में बच्ची स्कूल की वर्दी पहने और बैग टांगे एक पैर पर कूदते हुए आगे बढ़ रही है। बताया जा रहा था कि दिव्यांग बच्ची स्कूल पहुंचने के लिए रोजाना 1 किलोमीटर का सफर कूदकर तय करती है। इसके बाद बच्ची की मदद के लिए हाथ आगे बढ़े। जमुई की सीमा की मदद के लिए अभिनेता सोनू सूद भी आगे आए। 


सोनू सूद ने ट्वीट कर लिखा कि 'अब यह अपने एक नहीं दोनों पैरों पर कूद कर स्कूल जाएगी। टिकट भेज रहा हूं, चलिए दोनों पैरों पर चलने का समय आ गया।' चौथी क्लास में पढ़ने वाली सीमा एक पैर से दिव्यांग है और वो रोज स्‍कूल एक पैर पर उछल-उछलकर जाती है। 500 मीटर तक पगडंडियों पर एक पांव से स्कूल जाते उसका वीडियो तेजी से वायरल होने के बाद प्रशासनिक टीम अगले ही दिन उसके घर पहुंची जिसके बाद उसे ट्राइसाइकिल और कृत्रिम पैर दिया गया है। अब सीमा अपने एक पैर से नहीं बल्कि दोनों पैरों से चलेगी।