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13-Jul-2023 10:25 PM
By Dhiraj Kumar Singh
JAMUI: बिहार के जमुई में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। जहां नसबंदी के करीब 9 माह बाद एक महिला गर्भवती हो गई। महिला के पहले से चार बच्चे हैं। अब पांचवा बच्चा गर्भ में पल रहा है। गरीब दंपती पहले से आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। गर्भवती महिला और उसके परिवार ने गर्भ में पल रहे पांचवे बच्चे की परवरिश के लिए सरकार से मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं।
बताया जा रहा है कि जमुई जिले के झाझा प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत छापा पंचायत के कोडवाडीह गांव की रहने वाले रेखा देवी के चार बच्चे होने के बाद बीते साल 17 नवंबर 2022 को झाझा रेफरल अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगाये गये परिवार नियोजन शिविर में गयी थी। जहां रेखा देवी रेखा देवी ने बंध्याकरण का ऑपरेशन कराया था।
करीब दो महीने के बाद महिला को पता चला कि वह दो माह की गर्भवती है। जिसके बाद महिला ने अपना अल्ट्रासाउंड कराया।अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में महिला दो माह की गर्भवती होने का रिपोर्ट आई। अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट के आने के बाद परिजनों के होश उड़ गए। इधर महिला अपने पति के साथ अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट लेकर झाझा अस्पताल पहुंची।
जहां डॉक्टर से मुलाकात नहीं होने के बाद वह घर वापस चली गए। इस मामले में जमुई सदर अस्पताल के सर्जन कुमार महेंद्र प्रताप ने बताया कि सरकारी स्तर से अस्पताल के द्वारा इसकी जानकारी नहीं हुई है। लेकिन पीड़िता के पति के द्वारा फोन कर जानकारी दी गई है ऐसे मामले को लापरवाही नहीं कर सकते हैं। इसकी जांच कमेटी के द्वारा कराई जाएगी और ऐसे मामले में सरकार के द्वारा मुआवजे का भी प्रावधान है। जो महिला को उपलब्ध कराया जाएगा।