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15-Dec-2025 09:09 AM
By First Bihar
Life Style: देश में करोड़ों लोग सुबह होते ही चाय या कॉफी का सेवन करते हैं। हजारों-लाखों ऐसे भी लोग है जिनकी सुबह ही चाय की घुट से होती है। इतना ही नहीं, दिन में कई बार, चाहे ऑफिस हो या घर, चाय या कॉफी पीना हमारी आदत बन चुकी है। लेकिन आमतौर पर इस बारे में कम ही चर्चा होती है कि छोटे बच्चों के लिए चाय या कॉफी पीना कितना सुरक्षित है या नहीं।
अक्सर बच्चे घर में अपने पेरेंट्स या अन्य बड़े सदस्यों को चाय या कॉफी पीते हुए देखते हैं और उनकी नकल करने लगते हैं। कई घरों में यह बच्चों की डाइट का हिस्सा बन जाता है। हालांकि, 10 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए चाय या कॉफी पीना उनके स्वास्थ्य पर गंभीर नकारात्मक असर डाल सकता है।
ऐसे में डॉक्टरों का मानना है कि बच्चों का चाय या कॉफी पीना स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है। चाय और कॉफी बच्चों के लिए कई तरह से नुकसानदेह हैं। अक्सर माना जाता है कि कैफीन का असर केवल बड़ों पर होता है, लेकिन सच यह है कि बच्चों पर इसका असर कहीं ज्यादा होता है। चाय और कॉफी में मौजूद कैफीन बच्चों की नींद की आदतों को बिगाड़ सकती है। थोड़ी मात्रा में भी कैफीन उनकी नींद की गहराई और समय को कम कर देती है। नींद पूरी न होने पर बच्चों की शारीरिक वृद्धि, रोग प्रतिरोधक क्षमता और व्यवहार पर असर पड़ता है।
टैनिन और पोषक तत्व
चाय में मौजूद टैनिन नामक तत्व बच्चों के शरीर में पोषक तत्वों के अवशोषण में बाधा डालता है। टैनिन आयरन से जुड़कर पाचन के दौरान उसे सही तरीके से शरीर तक पहुंचने से रोकता है। इसका परिणाम बच्चों में आयरन की कमी और एनीमिया जैसी गंभीर बीमारियों के रूप में सामने आ सकता है।
दिमाग और नर्वस सिस्टम पर असर
कैफीन और चाय बच्चों के मस्तिष्क और नर्वस सिस्टम पर भी प्रभाव डालती है। इसका असर बच्चों को चिड़चिड़ा, बेचैन या पढ़ाई में ध्यान न लगाने वाला बना सकता है।
चीनी वाली चाय और कॉफी से दांतों को नुकसान
छोटे बच्चों के लिए मीठी चाय और कॉफी पीना और भी खतरनाक है। इसमें मौजूद चीनी से दांतों में कीड़े लगने, दांतों का पीला या काला होना और जल्दी कमजोर होना जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। इसके अलावा बच्चों को जरूरत से अधिक खाली कैलोरी मिलती है, जिससे न तो पोषण मिलता है और न ही ताकत।
सावधानियां
डॉक्टरों का मानना है कि बच्चों को चाय और कॉफी के स्थान पर हर्बल चाय, दूध या फ्रूट जूस जैसे हेल्दी विकल्प देने चाहिए। साथ ही, पेरेंट्स को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि बच्चों की डाइट में पर्याप्त आयरन, कैल्शियम और विटामिन्स शामिल हों, ताकि उनकी सेहत सही रहे। इस तरह, बच्चों में चाय या कॉफी के सेवन को रोकना या नियंत्रित करना उनकी सेहत, नींद, दिमाग और दांतों की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।