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29-May-2025 04:41 PM
By First Bihar
Life Style: आंखें हमारे शरीर का सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण अंग मानी जाती हैं। इन्हीं के जरिए हम इस दुनिया को देख पाते हैं। लेकिन आज की भागदौड़ भरी और तकनीक-निर्भर जिंदगी, खासकर मोबाइल और लैपटॉप के अत्यधिक उपयोग ने आंखों की सेहत पर बुरा असर डालना शुरू कर दिया है। कई बार लोग आंखों की समस्या को मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जो भविष्य में गंभीर परिणाम दे सकती है। ऐसे में आंखों की सेहत को बनाए रखने के लिए कुछ आसान और प्राकृतिक उपायों को अपनाना बेहद ज़रूरी है।
1. त्रिफला – आंखों की सेहत का आयुर्वेदिक रक्षक
त्रिफला एक प्रमुख आयुर्वेदिक औषधि है, जिसमें तीन प्रमुख तत्व होते हैं – आमलकी (आंवला), हरीतकी (हरड़) और बिभीतकी (बहेड़ा)। त्रिफला का नियमित सेवन या आंखों पर इसका शीतल लेप लगाने से आंखों की रोशनी में सुधार आता है और आंखों की थकान भी दूर होती है। त्रिफला जल से आंखों को धोना भी लाभदायक माना गया है।
2. गाजर और पालक का रस – विटामिन और पोषण का पावरहाउस
गाजर में भरपूर मात्रा में विटामिन A (बीटा-कैरोटीन) पाया जाता है, जो आंखों की रोशनी को बढ़ाने में सहायक है। वहीं पालक में ल्यूटिन और ज़ेक्सैंथिन जैसे एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो आंखों को अल्ट्रावायलेट किरणों से सुरक्षा प्रदान करते हैं। गाजर और पालक का रस मिलाकर पीने से आंखों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और रोशनी में सुधार आता है।
3. आंवला और शहद – आंखों की प्राकृतिक सुरक्षा
विटामिन C से भरपूर आंवला आंखों को पोषण देता है और उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। वहीं शहद में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स आंखों की कोशिकाओं को फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं। रोजाना आंवले के रस में थोड़ा शुद्ध शहद मिलाकर पीने से आंखों को दीर्घकालिक लाभ मिल सकता है।
4. ध्यान और योग – मानसिक शांति के साथ दृष्टि शक्ति में सुधार
नियमित मेडिटेशन और योग, जैसे कि त्राटक, पाल्मिंग और नेत्र संचालन, आंखों की थकान को दूर करते हैं और मांसपेशियों को आराम देते हैं। इनसे नेत्र दबाव कम होता है और आंखों की रोशनी बेहतर बनी रहती है। इसके अलावा नींद पूरी लेना और नीली रोशनी (blue light) से बचाव भी जरूरी है।