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15-Sep-2025 04:31 PM
By FIRST BIHAR
Supreme Court on Bihar SIR: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार, 15 सितंबर 2025 को स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को लेकर अहम टिप्पणी की। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि SIR की कार्यप्रणाली में कोई गड़बड़ी पाई जाती है या संवैधानिक सुरक्षा उपायों का उल्लंघन होता है, तो पूरी प्रक्रिया को रद्द किया जा सकता है। इस मामले पर अब अंतिम सुनवाई 7 अक्टूबर 2025 को होगी।
सुनवाई कर रही जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने यह भी कहा कि यदि SIR प्रक्रिया अमान्य पाई जाती है तो केवल बिहार ही नहीं, बल्कि पूरा भारत इससे प्रभावित होगा। कोर्ट ने कहा कि वह इस विषय में टुकड़ों में आदेश नहीं दे सकता, बल्कि बिहार SIR पर अंतिम फैसला ही पूरे देश में लागू होगा।
सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को निर्देश दिया है कि वे बिहार और नेशनवाइड SIR से जुड़े मुद्दों पर 7 अक्टूबर की सुनवाई में अपनी दलीलें रखें। इसके साथ ही कोर्ट ने 8 सितंबर 2025 के आदेश को वापस लेने की मांग पर भी नोटिस जारी किया है। इस आदेश में कोर्ट ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया था कि बिहार SIR प्रक्रिया में "आधार कार्ड" को 12वें आवश्यक दस्तावेज के रूप में शामिल किया जाए।
बता दें कि 8 सितंबर के आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा था कि आधार नागरिकता का प्रमाण नहीं है, लेकिन यदि इसे वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने के लिए प्रस्तुत किया जाता है, तो चुनाव आयोग को इसकी वास्तविकता की पुष्टि करने का अधिकार होगा।