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11-Aug-2025 02:33 PM
By First Bihar
DESK: सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में लावारिस कुत्तों की समस्या को बेहद गंभीर बताया है। सोमवार को अदालत ने बड़ा आदेश दिया कि 8 सप्ताह के भीतर सभी लावारिस कुत्तों को पकड़कर डॉग शेल्टर में भेजा जाए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि कुत्तों को पकड़ने में किसी भी व्यक्ति या संस्था द्वारा यदि बाधा डाली गई तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट ने सवाल भी उठाया कि जो लोग आवारा कुत्तों को बचाते हैं, क्या वे उन कुत्तों को वापस ला सकते हैं जो रेबीज जैसे खतरनाक रोगों से संक्रमित हो गए हैं? अदालत ने कहा कि यह आदेश जनहित को ध्यान में रखकर दिया गया है।कोर्ट की पीठ ने निर्देश दिए कि फिलहाल दिल्ली में लगभग 5,000 आवारा कुत्तों के लिए पर्याप्त संख्या में शेल्टर बनाए जाएं और कुत्तों के बधियाकरण और टीकाकरण के लिए पर्याप्त कर्मचारी तैनात किए जाएं। आवारा कुत्तों को सड़कों, कॉलोनियों और सार्वजनिक स्थानों पर नहीं छोड़ा जाना चाहिए, बल्कि उन्हें डॉग शेल्टर में रखा जाए।
सुप्रीम कोर्ट ने 28 जुलाई को दिल्ली में कुत्तों के काटने से रेबीज फैलने की मीडिया रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लिया था। सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर हेल्पलाइन बनाने का निर्देश दिया ताकि कुत्तों के काटने की घटनाओं की तुरंत सूचना मिल सके।
दिल्ली सरकार, एमसीडी और एनडीएमसी को आदेश दिया गया है कि वे दिल्ली से सभी लावारिस कुत्तों को हटाने का काम शुरू करें। अदालत ने कहा कि नवजात और छोटे बच्चे कुत्तों के शिकार नहीं बने। शेल्टर की सीसीटीवी निगरानी सुनिश्चित की जाए ताकि कुत्ते वापस न निकल सकें।
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि यदि कुत्तों को पकड़ते समय कोई बाधा डाले तो उसकी अवमानना का मामला दर्ज किया जाएगा और उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अदालत ने कहा, ‘यदि कोई व्यक्ति या संस्था कुत्तों को पकड़ने से रोकती है तो हम उनके खिलाफ ऐक्शन लेंगे।’