बिहार में अब सरकारी टेंडरों पर रहेगी EOU की पैनी नजर, 5 सदस्यीय टीम गठित; गड़बड़ी करने वालों का खेल खत्म बिहार में अब सरकारी टेंडरों पर रहेगी EOU की पैनी नजर, 5 सदस्यीय टीम गठित; गड़बड़ी करने वालों का खेल खत्म बिहार में खाद की कालाबाजारी पर सरकार सख्त, 449 उर्वरक लाइसेंस रद्द; 115 लोगों के खिलाफ केस दर्ज बिहार में खाद की कालाबाजारी पर सरकार सख्त, 449 उर्वरक लाइसेंस रद्द; 115 लोगों के खिलाफ केस दर्ज Bihar News: बालू के खेल में शामिल खनन निरीक्षक गिरफ्तार, DM को भी कर रहा था गुमराह Bihar News: बालू के खेल में शामिल खनन निरीक्षक गिरफ्तार, DM को भी कर रहा था गुमराह Bihar Teacher News: बिहार में शिक्षकों के ट्रांसफर को लेकर बनेगी नई पॉलिसी, शिक्षा विभाग ने कमेटी गठित की Bihar Teacher News: बिहार में शिक्षकों के ट्रांसफर को लेकर बनेगी नई पॉलिसी, शिक्षा विभाग ने कमेटी गठित की बिहार में दिनदहाड़े लूट की वारदात से हड़कंप, CSP संचालक को गोली मारकर 5 लाख लेकर फरार हुए बदमाश बिहार में दिनदहाड़े लूट की वारदात से हड़कंप, CSP संचालक को गोली मारकर 5 लाख लेकर फरार हुए बदमाश
26-May-2025 03:52 PM
By First Bihar
Raja bhaia wife bhanvi singh: उत्तर प्रदेश के कुंडा से बाहुबली विधायक राजा भैया बार बार फिर विवादों में में घिरे रहते हैं , उनकी पत्नी भानवी सिंह ने उन पर संगीन आरोप लगाते हुए गवाहों को धमकाने और डराने की बात कही है। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से पूरे मामले की CBI जांच कराने की अपील की है।
भानवी सिंह ने X (पूर्व ट्विटर) पर अपनी मेडिकल रिपोर्ट्स साझा करते हुए लिखा है कि भले ही गवाह डरा दिए जाएं, लेकिन सबूत और सच्चाई को झुठलाया नहीं जा सकता। उन्होंने 2015 की मेडिकल रिपोर्ट और 2024 की AIIMS रिपोर्ट सार्वजनिक की, जो उनके मुताबिक उनके ऊपर हुए उत्पीड़न और शारीरिक हिंसा के प्रमाण हैं। भानवी ने लिखा, "मेरे साथ हुआ उत्पीड़न आज भी बोल रहा है। मेरी टूटी हुई हड्डियां जो ग़लत जुड़ गईं, वो सच बोल रही हैं। एम्स की रिपोर्ट और अन्य मेडिकल रिपोर्ट्स चीख-चीख कर बयान कर रही हैं कि मेरे साथ क्या हुआ।"
उन्होंने एक भावुक पोस्ट में लिखा कि मैं अपनों के आचरण से टूट गई हूँ, लेकिन न्याय की उम्मीद नहीं टूटी है। कई उदाहरण हैं जब गवाह बाहुबल, धनबल और पद की लालसा के आगे झुक गए, लेकिन अंततः साक्ष्य ही भारी पड़े। भानवी सिंह का आरोप है कि जब दिल्ली पुलिस जांच के सिलसिले में लखनऊ गई, तब उनके गवाहों को “प्रभावशाली लोगों के काफिलों” ने धमकाया, जिससे वे गवाही देने से डर गए। उन्होंने कहा कि अगर गवाह ही डर जाएंगे तो मुझे न्याय कैसे मिलेगा? उन्होंने मांग की कि गवाहों को पुलिस या कोर्ट की सुरक्षा दी जाए।
इस पूरे मामले की गंभीरता तब और बढ़ गई जब भानवी ने आशंका जताई कि उन्हें मारने की साजिश हो सकती है। उन्होंने लिखा, “अगर मुझे मारकर मामला खत्म करने की कोशिश हो तो मेरी रिपोर्ट्स को सबूत माना जाए और मेरा पोस्टमार्टम जरूर कराया जाए। भानवी सिंह ने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से गुहार लगाई कि इस मामले की CBI जांच करवाई जाए, जिससे सत्य सामने आए और उन्हें न्याय मिल सके। यह मामला अब न केवल व्यक्तिगत उत्पीड़न का, बल्कि प्रभावशाली व्यक्तियों द्वारा न्याय प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश के तौर पर सामने आ रहा है। अब देखना होगा कि इस मामले में केंद्र सरकार और न्याय व्यवस्था क्या रुख अपनाती है।