बिहार में अपराधियों का तांडव जारी: इंजीनियर की गोली मारकर हत्या, इलाके में सनसनी पटना: MLA फ्लैट में बिजली के कवर तार में आग लगने से मची अफरा-तफरी, विद्युत आपूर्ति ठप सहरसा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, लग्जरी कार से भारी मात्रा में प्रतिबंधित कफ सिरप बरामद, 4 तस्कर गिरफ्तार नशे में धुत युवक ने की फायरिंग, महिला घायल, आरोपी को ग्रामीणों ने पकड़ा आरा–बक्सर फोरलेन पर भीषण सड़क हादसा, तीन युवकों की दर्दनाक मौत, एक की हालत गंभीर बिहार कांग्रेस विधायक दल के नेता पर आज फैसला संभव, पटना में अहम बैठक छपरा में फर्जी IAS बनकर DM से मिलने पहुंचा युवक गिरफ्तार, टाउन थाने में FIR दर्ज Bihar Crime News: बिहार में मोबाइल के लिए बड़े भाई ने ले ली छोटे भाई की जान, हत्या की वारदात से सनसनी Bihar Crime News: बिहार में मोबाइल के लिए बड़े भाई ने ले ली छोटे भाई की जान, हत्या की वारदात से सनसनी सीके अनिल ने अंचलाधिकारियों को मंत्री के सामने हड़काया, कहा..कल तक हड़ताल वापस लो, नहीं तो हो जाओगे डिसमिस
27-Sep-2025 10:43 PM
By First Bihar
DESK: अचानक 150 गांवों में तेजी से एड्स फैलने से इलाके के लोग टेंशन में हैं। इन गांवों में जब सभी की एचआईवी टेस्ट कराया गया तब 10 प्रतिशत लोगों का रिपोर्ट पॉजिटिव पाया गया। पीड़ित और उनके परिजन काफी परेशान हैं। किसी को समझ में नहीं आ रहा हैं ये सब हुआ कैसे..लेकिन विशेषज्ञों ने इसका कारण जो बताया वो हैरान करने वाला है।
दरअसल यूपी के मुरादाबाद से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जिले में एचआईवी-एड्स का खतरा तेजी से बढ़ रहा है और हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि करीब डेढ़ सौ गांव इसकी चपेट में आ चुके हैं।नाको (NACO) के अंतर्गत इन गांवों में लोगों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान शुरू किया जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन गांवों में एचआईवी की जांच कराने वालों में करीब 10 फीसदी लोग पॉजिटिव पाए जा रहे हैं। सबसे अधिक प्रभावित गांव बिलारी, कुंदरकी और ठाकुरद्वारा क्षेत्र के हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि एचआईवी-एड्स के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी का कारण संक्रमित सुई का इस्तेमाल और युवाओं में टैटू बनवाने का बढ़ता शौक है। इसके अलावा नशे के लिए सिरिंज का इस्तेमाल करने वालों में भी संक्रमण के मामले बड़ी संख्या में मिल रहे हैं। नाको के अंतर्गत संचालित प्रोजेक्ट दिशा की मैनेजर विनीता पांडेय ने बताया कि जिन गांवों में एचआईवी-एड्स के मामले अधिक सामने आ रहे हैं, वहां बड़े पैमाने पर जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे। लोगों को संक्रमण के कारणों और बचाव के उपायों के बारे में शिक्षित किया जाएगा ताकि इस खतरे को समय रहते रोका जा सके।