बिहार में अपराधियों का तांडव जारी: इंजीनियर की गोली मारकर हत्या, इलाके में सनसनी पटना: MLA फ्लैट में बिजली के कवर तार में आग लगने से मची अफरा-तफरी, विद्युत आपूर्ति ठप सहरसा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, लग्जरी कार से भारी मात्रा में प्रतिबंधित कफ सिरप बरामद, 4 तस्कर गिरफ्तार नशे में धुत युवक ने की फायरिंग, महिला घायल, आरोपी को ग्रामीणों ने पकड़ा आरा–बक्सर फोरलेन पर भीषण सड़क हादसा, तीन युवकों की दर्दनाक मौत, एक की हालत गंभीर बिहार कांग्रेस विधायक दल के नेता पर आज फैसला संभव, पटना में अहम बैठक छपरा में फर्जी IAS बनकर DM से मिलने पहुंचा युवक गिरफ्तार, टाउन थाने में FIR दर्ज Bihar Crime News: बिहार में मोबाइल के लिए बड़े भाई ने ले ली छोटे भाई की जान, हत्या की वारदात से सनसनी Bihar Crime News: बिहार में मोबाइल के लिए बड़े भाई ने ले ली छोटे भाई की जान, हत्या की वारदात से सनसनी सीके अनिल ने अंचलाधिकारियों को मंत्री के सामने हड़काया, कहा..कल तक हड़ताल वापस लो, नहीं तो हो जाओगे डिसमिस
23-Oct-2025 01:26 PM
By First Bihar
Forest Area Ranking: पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भारत ने एक और मील का पत्थर गाड़ दिया है। संयुक्त राष्ट्र की फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गनाइजेशन द्वारा बाली, इंडोनेशिया में जारी ग्लोबल फॉरेस्ट रिसोर्सेज असेसमेंट 2025 रिपोर्ट के मुताबिक, भारत अब कुल वन क्षेत्र के मामले में विश्व का नौवां सबसे बड़ा देश बन चुका है। पिछले रिपोर्ट में भारत को 10वां स्थान मिला था। इस रिपोर्ट में भारत ने वार्षिक वन क्षेत्र वृद्धि में भी अपना तीसरा स्थान मजबूती से बरकरार रखा है। यह रिपोर्ट हर पांच साल में जारी होती है और 197 देशों के आंकड़ों पर आधारित है।
केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने इस उपलब्धि को सभी भारतीयों के लिए गर्व का क्षण बताया है। उन्होंने कहा "पिछले आकलन में 10वें स्थान की तुलना में हमने वैश्विक स्तर पर वन क्षेत्र के मामले में 9वां स्थान प्राप्त किया है। वार्षिक वृद्धि के मामले में भी हमने वैश्विक स्तर पर अपना तीसरा स्थान बनाए रखा है।" मंत्री ने इसे मोदी सरकार की वन संरक्षण, वनीकरण और समुदाय-आधारित पर्यावरणीय कार्रवाइयों का परिणाम बताया है। रिपोर्ट के अनुसार, 2015-2025 के बीच भारत ने हर साल औसतन 1,50,000 हेक्टेयर से अधिक वन क्षेत्र बढ़ाया, एशिया में चीन के बाद इस मामले में भारत दूसरे स्थान पर है।
यह प्रगति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान का सीधा फल भी माना जा रहा है। इस पहल ने देशभर में लाखों लोगों को वृक्षारोपण से जोड़ा और पर्यावरण चेतना को मजबूत किया है। साथ ही एशिया अकेला महाद्वीप है जहां 1990 से 2025 तक वन क्षेत्र में वृद्धि दर्ज की गई, जिसमें भारत और चीन का योगदान प्रमुख है।
FRA 2025 रिपोर्ट की बात करें तो 2015-2025 के बीच वैश्विक वन कवर 4.14 अरब हेक्टेयर रहा, यह पृथ्वी की भूमि का एक तिहाई हिस्सा है। जंगलों की वार्षिक हानि आधी से अधिक कम हो गई है। यह 1990 के दशक के 10.7 मिलियन हेक्टेयर से घटकर अब 4.12 मिलियन हेक्टेयर रह गई है। हालांकि, दक्षिण अमेरिका और अफ्रीका में कटाई अभी भी चिंता का विषय है।