बिहार में अपराधियों का तांडव जारी: इंजीनियर की गोली मारकर हत्या, इलाके में सनसनी पटना: MLA फ्लैट में बिजली के कवर तार में आग लगने से मची अफरा-तफरी, विद्युत आपूर्ति ठप सहरसा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, लग्जरी कार से भारी मात्रा में प्रतिबंधित कफ सिरप बरामद, 4 तस्कर गिरफ्तार नशे में धुत युवक ने की फायरिंग, महिला घायल, आरोपी को ग्रामीणों ने पकड़ा आरा–बक्सर फोरलेन पर भीषण सड़क हादसा, तीन युवकों की दर्दनाक मौत, एक की हालत गंभीर बिहार कांग्रेस विधायक दल के नेता पर आज फैसला संभव, पटना में अहम बैठक छपरा में फर्जी IAS बनकर DM से मिलने पहुंचा युवक गिरफ्तार, टाउन थाने में FIR दर्ज Bihar Crime News: बिहार में मोबाइल के लिए बड़े भाई ने ले ली छोटे भाई की जान, हत्या की वारदात से सनसनी Bihar Crime News: बिहार में मोबाइल के लिए बड़े भाई ने ले ली छोटे भाई की जान, हत्या की वारदात से सनसनी सीके अनिल ने अंचलाधिकारियों को मंत्री के सामने हड़काया, कहा..कल तक हड़ताल वापस लो, नहीं तो हो जाओगे डिसमिस
09-Jun-2025 08:30 AM
By First Bihar
Andhra Pradesh population policy: दक्षिण भारत के राज्य आंध्र प्रदेश में घटती प्रजनन दर को लेकर चिंता बढ़ रही है। इसे लेकर राज्य के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने संकेत दिए हैं कि बड़े परिवारों को आर्थिक सहायता दी जा सकती है। उनका मानना है कि परिवार को एक इकाई मानते हुए सरकार को रणनीति बनानी चाहिए, जिससे जनसांख्यिकीय असंतुलन से निपटा जा सके।
एक इंटरव्यू में मुख्यमंत्री नायडू ने कहा, “मैं बड़े परिवारों को अधिक प्रोत्साहन देने के मॉडल पर विचार कर रहा हूं। राज्य की मौजूदा जनसंख्या दर को देखते हुए रणनीति बदलना आवश्यक है।” हालांकि इस पर अब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन संकेत साफ हैं कि सरकार इस दिशा में कदम उठा सकती है।
गौरतलब है कि कुछ साल पहले राज्य में एक कानून लाकर दो से अधिक बच्चों वाले व्यक्तियों को पंचायत और निकाय चुनाव लड़ने से वंचित कर दिया गया था। अब उसी राज्य में जनसंख्या बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन की योजना तैयार की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि "शून्य गरीबी पहल" के तहत उन्होंने एक नया मॉडल शुरू किया है, जिसमें संपन्न परिवार गरीब परिवारों को गोद ले सकेंगे। इससे न सिर्फ आर्थिक गैप कम होगी, बल्कि परिवारों के सामाजिक-आर्थिक कल्याण में भी सुधार होगा। महिलाओं को असीमित मातृत्व अवकाश, बच्चों की पढ़ाई के लिए आर्थिक सहयो राज्य सरकार ने पहले ही कई फैसलों का ऐलान किया है| सभी संगठनों के लिए वर्कप्लेस चाइल्ड केयर सेंटर अनिवार्य कर दिया गया है।
स्कूल जाने वाले हर बच्चे की मां को ₹15,000 की आर्थिक सहायता दी जाएगी। महिलाओं को मातृत्व अवकाश (maternity leave) पर कोई सीमा नहीं होगी – वे कितनी भी बार छुट्टी ले सकेंगी। नायडू ने साफ कहा कि राज्य को प्रजनन दर में सुधार लाना होगा, वरना भविष्य में कई गंभीर सामाजिक-आर्थिक समस्याएं पैदा हो सकती हैं।