ब्रेकिंग न्यूज़

बिहार कांग्रेस विधायक दल के नेता पर आज फैसला संभव, पटना में अहम बैठक छपरा में फर्जी IAS बनकर DM से मिलने पहुंचा युवक गिरफ्तार, टाउन थाने में FIR दर्ज Bihar Crime News: बिहार में मोबाइल के लिए बड़े भाई ने ले ली छोटे भाई की जान, हत्या की वारदात से सनसनी Bihar Crime News: बिहार में मोबाइल के लिए बड़े भाई ने ले ली छोटे भाई की जान, हत्या की वारदात से सनसनी सीके अनिल ने अंचलाधिकारियों को मंत्री के सामने हड़काया, कहा..कल तक हड़ताल वापस लो, नहीं तो हो जाओगे डिसमिस रेलवे कर्मचारियों का 36 सूत्री मांगों को लेकर प्रदर्शन, मांगें नहीं मानने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी Bihar News: दर्दनाक सड़क हादसे में रिटायर्ड शिक्षक की मौत, बेटा गंभीर रूप से घायल; दो बाइक की हुई सीधी टक्कर Bihar News: दर्दनाक सड़क हादसे में रिटायर्ड शिक्षक की मौत, बेटा गंभीर रूप से घायल; दो बाइक की हुई सीधी टक्कर Bihar News: सीओ प्रतिनिधिमंडल की मंत्री विजय कुमार सिन्हा से मुलाकात, आश्वासन के बाद हड़ताल खत्म करने पर बनी सहमति Bihar News: बिहार के भ्रष्ट DAO के लॉकर में मिले करोड़ों के सोना-हीरा के जेवरात, विजिलेंस ने रिश्वत लेते किया था गिरफ्तार

Aadhaar Act: क्या आधार कार्ड हैं भारतीय नागरिकता की पहचान? जानिए... आधार एक्ट के बारे में

Aadhaar Act: भारत में नागरिकता से जुड़े मामलों को लेकर एक बार फिर चर्चाएं तेज हो गई है। खासतौर पर बिहार में मतदाता सूची पुननिरीक्षण से जुड़े विवाद मामले ने इसको और तेज रफ्तार दे दिया है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आधार कार्ड को लेकर एक महत्वपूर्ण

Aadhaar Act

03-Sep-2025 03:53 PM

By First Bihar

Aadhaar Act: भारत में नागरिकता से जुड़े मामलों को लेकर एक बार फिर चर्चाएं तेज हो गई है। खासतौर पर बिहार में मतदाता सूची पुननिरीक्षण से जुड़े विवाद मामले ने इसको और तेज रफ्तार दे दिया है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आधार कार्ड को लेकर एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की है, जिससे यह स्पष्ट हो गया है कि आधार कार्ड भारतीय नागरिकता का प्रमाण नहीं है। कोर्ट ने कहा कि आधार एक्ट 2016 की धारा 9 के तहत, आधार केवल पहचान और पते का प्रमाण है, न कि नागरिकता का।


बता दें कि आधार कार्ड भारत सरकार द्वारा जारी एक 12 अंकों की विशिष्ट पहचान संख्या है, जिसे भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) जारी करता है। इसमें व्यक्ति की बायोमेट्रिक जानकारी जैसे फिंगरप्रिंट, आंखों की पुतलियों की स्कैनिंग, साथ ही नाम, जन्मतिथि और पता शामिल होता है। इसका मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं का लाभ सही व्यक्ति तक पहुंचाना हैं। 


दरअसल, बिहार में चुनाव आयोग ने आधार कार्ड को नागरिकता का प्रमाण मानने से इनकार कर दिया, जिसके चलते लगभग 65 लाख लोगों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। इस पर आरजेडी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया कि आधार को नागरिकता के प्रमाण के रूप में किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जा सकता।


आधार (टारगेटेड डिलीवरी ऑफ फाइनेंशियल एंड अदर सब्सिडीज, बेनेफिट्स एंड सर्विसेज) एक्ट 2016 की धारा 9 कहती है कि आधार नंबर या उसका प्रमाणीकरण किसी व्यक्ति को भारत में नागरिकता या निवास का अधिकार नहीं देता हैं। इससे साफ है कि आधार नंबर केवल पहचान और निवास का प्रमाण है, न कि नागरिकता का। इस बात की पुष्टि सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में भी पुट्टस्वामी बनाम भारत सरकार के फैसले में की थी, और अब एक बार फिर यह बात दोहराई गई है।


भारतीय नागरिकता साबित करने के लिए कुछ प्रामाणिक दस्तावेज जरूरी होते हैं, जैसे -वैध भारतीय पासपोर्ट, जन्म प्रमाण पत्र, भारत में लंबे समय से रह रहे व्यक्ति का निवास प्रमाण पत्र, नगरपालिका या ग्राम पंचायत द्वारा जारी प्रमाण पत्र। इसके विपरीत, आधार कार्ड, पैन कार्ड, राशन कार्ड या वोटर आईडी जैसे दस्तावेज केवल पहचान या पते का प्रमाण देते हैं, नागरिकता का नहीं।


आधार कार्ड भले ही भारत में एक मजबूत पहचान का जरिया बन चुका हो, लेकिन यह नागरिकता का प्रमाण नहीं है। सुप्रीम कोर्ट और आधार एक्ट 2016 दोनों इस बात को स्पष्ट रूप से कह चुके हैं। नागरिकता साबित करने के लिए अलग और अधिक प्रामाणिक दस्तावेजों की आवश्यकता होती है।