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21-Nov-2025 10:09 AM
By First Bihar
Mokama accident news : मोकामा फोरलेन शुक्रवार की सुबह एक भयावह हादसे का गवाह बन गया, जब अयोध्या से लौटकर सिमरिया धाम जा रही तीर्थ यात्रियों से भरी बस अचानक 20 फीट गहरी खाई में गिर गई। इस दर्दनाक दुर्घटना में एक महिला श्रद्धालु की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 25 से अधिक यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा इतना तेज और अचानक हुआ कि कुछ ही क्षणों में शांत सफर दहशत और चीख-पुकार में तब्दील हो गया।
कैसे हुआ हादसा?
मधुबनी जिले से निकली यह बस कुल 45 तीर्थ यात्रियों को लेकर अयोध्या दर्शन करवाकर सिमरिया धाम की ओर लौट रही थी। यात्रियों ने अभी अयोध्या से लौटने की थकान से उबरना भी शुरू नहीं किया था कि बरहपुर बाइपास के पास बड़ा हादसा हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस मोड़ पर पहुंची ही थी कि अचानक चालक का संतुलन बिगड़ गया। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि ड्राइवर को नींद का झटका लगा, जिसकी वजह से बस सड़क छोड़कर सीधे खाई की ओर मुड़ गई और धड़ाम से नीचे गिर गई।
हादसे के बाद बस के अंदर का नजारा बेहद भयावह था। सीटें टूट चुकी थीं, शीशे चकनाचूर हो गए थे और यात्री इधर-उधर फेंके हुए थे। कई लोग बस में फंस गए थे, जबकि कुछ दूर जा गिरे। हादसे के तुरंत बाद इलाके में हड़कंप मच गया।
स्थानीय लोगों ने बचाव कार्य संभाला
टक्कर की आवाज सुनते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बचाव में जुट गए। उन्होंने बस को तोड़कर फंसे यात्रियों को बाहर निकाला। कई घायल खून से लथपथ दर्द से कराह रहे थे। स्थानीय लोगों ने पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। इसके बाद मोकामा पुलिस की टीम और एंबुलेंस मौके पर पहुंची। सभी घायलों को तुरंत मोकामा ट्रॉमा सेंटर और नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
अस्पताल में भी अफरा-तफरी का माहौल रहा। कहीं दर्द से कराहते मरीज, कहीं चिल्लाते परिजन, तो कहीं घबराहट में किए जा रहे फोन—पूरा परिसर चीखों, रुदन और बेचैनी से भर गया। डॉक्टरों ने कई घायलों की हालत गंभीर बताई है, जिनका इलाज जारी है।
मृतक महिला की पहचान और पोस्टमार्टम
हादसे में जिस महिला की मौत हुई, उसकी पहचान मधुबनी की रहने वाली एक श्रद्धालु के रूप में हुई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों को सूचना दे दी गई है और वे अस्पताल की ओर रवाना हो चुके हैं।
पुलिस जांच में लापरवाही की आशंका
पुलिस ने घटना स्थल की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में ड्राइवर की लापरवाही और नींद को हादसे की सबसे बड़ी वजह माना जा रहा है। बस ओवरलोड थी या तेज रफ्तार में थी, इसकी जांच भी की जा रही है। पुलिस ने बस चालक से पूछताछ शुरू की है और घटनास्थल के वीडियो फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।
फोरलेन पर हादसों का बढ़ता खतरा
मोकामा फोरलेन पर यह कोई पहला हादसा नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस रूट पर लगातार वाहनों के तेज रफ्तार, ओवरटेकिंग और लंबी दूरी तय करने वाले ड्राइवरों की थकान के कारण दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। कई बार लंबी यात्रा के बाद चालक झपकी ले लेते हैं, जो ऐसे बड़े हादसों की वजह बन जाती है। यह घटना एक बार फिर “ओवरलोड, नींद और तेज रफ्तार” वाली त्रिकोणीय समस्या को सामने उजागर करती है, जो यात्रियों की जान के लिए खतरा बनती जा रही है।
सरकार से सुरक्षा बढ़ाने की मांग
हादसे के बाद स्थानीय लोगों और तीर्थ यात्रियों के परिजनों ने सरकार से फोरलेन पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। उनका कहना है कि सड़क के किनारे गार्ड रेल और साइन बोर्ड लगाने के साथ-साथ ड्राइवरों की जांच, फिटनेस और 24 घंटे की यात्राओं पर निगरानी जरूरी है।
मोकामा में हुआ यह सड़क हादसा एक बार फिर बताता है कि थोड़ी सी लापरवाही दर्जनों जिंदगियों को संकट में डाल सकती है। भक्ति और उम्मीदों से भरा यह सफर अचानक मातम में बदल गया। घायल यात्रियों का इलाज जारी है, और प्रशासन हादसे की वजहों की विस्तार से पड़ताल कर रहा है। तीर्थ यात्रियों और उनके परिवारों के लिए यह एक ऐसा दिन बन गया, जिसे वे शायद जीवनभर नहीं भूल पाएंगे।