ब्रेकिंग
नेपाल में भारी बारिश से बिहार में बाढ़ का खतरा मंडराया, उफान पर महानंदा और कोसी; इंजीनियरों की छुट्टियां रद्दबिहार में सनसनीखेज वारदात: इंजीनियरिंग के छात्र ने प्रेमिका के भाई की ले ली जान, हत्या की साजिश में AI का इस्तेमालपटना में गंगा स्नान के दौरान दर्दनाक हादसा, तीन बच्चों की डूबने से मौतअगर अपराधी सरेंडर करता है, तो क्या उसे गोली मार दी जाएगी? भरत तिवारी एनकाउंटर पर घमासान के बीच नीतीश कुमार का पुराना बयान वायरलBihar News: बिहार में मकान बनाने वालों के लिए बड़ी खबर! नए नियम लागू, कमरा-रसोई से लेकर शौचालय तक बदल गए मानकनेपाल में भारी बारिश से बिहार में बाढ़ का खतरा मंडराया, उफान पर महानंदा और कोसी; इंजीनियरों की छुट्टियां रद्दबिहार में सनसनीखेज वारदात: इंजीनियरिंग के छात्र ने प्रेमिका के भाई की ले ली जान, हत्या की साजिश में AI का इस्तेमालपटना में गंगा स्नान के दौरान दर्दनाक हादसा, तीन बच्चों की डूबने से मौतअगर अपराधी सरेंडर करता है, तो क्या उसे गोली मार दी जाएगी? भरत तिवारी एनकाउंटर पर घमासान के बीच नीतीश कुमार का पुराना बयान वायरलBihar News: बिहार में मकान बनाने वालों के लिए बड़ी खबर! नए नियम लागू, कमरा-रसोई से लेकर शौचालय तक बदल गए मानक

Bihar News : पटना में LPG क्राइसिस पर प्रशासन सख्त, ब्लैक मार्केटिंग पर होगी कड़ी कार्रवाई; DM बोले - लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त

पटना में एलपीजी गैस की किल्लत को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम के निर्देश पर पूरे जिले में घरेलू गैस की आपूर्ति और वितरण व्यवस्था की कड़ी निगरानी की जा रही है।

Bihar News : पटना में LPG क्राइसिस पर प्रशासन सख्त, ब्लैक मार्केटिंग पर होगी कड़ी कार्रवाई; DM बोले - लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त
Tejpratap
Tejpratap
4 मिनट

Bihar News : पटना में घरेलू एलपीजी गैस की उपलब्धता को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। जिला पदाधिकारी Dr. Chandrasekhar Singh T. Thyagarajan SM (डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम) के निर्देश पर पूरे जिले में गैस आपूर्ति और वितरण व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शहर में एलपीजी गैस की कोई कमी नहीं है और सभी गैस एजेंसियों तथा कंपनियों के पास पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। इसलिए लोगों से अपील की गई है कि वे घबराकर या पैनिक में आकर गैस की बुकिंग न करें।


जिलाधिकारी ने कहा कि आम उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए प्रशासनिक अधिकारी लगातार गैस डीलरों और वितरकों का निरीक्षण कर रहे हैं। साथ ही एलपीजी सिलेंडर की ब्लैक मार्केटिंग, जमाखोरी और अधिक कीमत पर बिक्री करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया है कि अगर कहीं भी गैस की कालाबाजारी या अवैध गतिविधियों की शिकायत मिलती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ तुरंत प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तारी की जाएगी।


प्रशासन की ओर से जिले के सभी स्तरों पर अधिकारियों को सक्रिय कर दिया गया है। अपर जिला दंडाधिकारी, जिला स्तरीय पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी और प्रखंड स्तर के अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में गैस एजेंसियों और वितरकों की नियमित जांच कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान यह देखा जा रहा है कि गैस सिलेंडर की आपूर्ति सही तरीके से हो रही है या नहीं और कहीं उपभोक्ताओं को अधिक कीमत पर सिलेंडर तो नहीं बेचे जा रहे।


डीएम ने यह भी कहा कि एलपीजी गैस की आपूर्ति व्यवस्था को पारदर्शी और सुचारू बनाए रखने के लिए लोगों से फीडबैक भी लिया जा रहा है। अगर किसी उपभोक्ता को गैस की डिलीवरी में देरी, अधिक कीमत वसूली या अन्य किसी प्रकार की गड़बड़ी का सामना करना पड़ता है, तो वे प्रशासन को इसकी जानकारी दे सकते हैं। ऐसी शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।


जिलाधिकारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि गैस की कालाबाजारी, जमाखोरी या अनियमितता में शामिल पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ ‘Essential Services Maintenance Act’ (आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम – ESMA) के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


इसी कड़ी में प्रशासन ने प्रखंड स्तर पर एलपीजी गैस से जुड़ी शिकायतों के समाधान और सिलेंडर की जमाखोरी रोकने के लिए 28 धावा दल (रेड टीम) भी गठित किए हैं। ये धावा दल पूरे जिले में सक्रिय होकर गैस एजेंसियों और संदिग्ध स्थानों पर निगरानी रखेंगे। इन टीमों में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, प्रखंड आपूर्ति निरीक्षक और सहायक जिला आपूर्ति पदाधिकारियों को नोडल पदाधिकारी के रूप में तैनात किया गया है।


ये नोडल पदाधिकारी आम लोगों से मिलने वाली सूचनाओं और कंट्रोल रूम से प्राप्त शिकायतों के आधार पर तुरंत कार्रवाई करेंगे। इसके साथ ही सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में इन धावा दलों की निगरानी और संचालन की जिम्मेदारी दी गई है।


प्रशासन ने गैस एजेंसी क्षेत्रों को बेहतर प्रबंधन के लिए अलग-अलग सेक्टर, जोनल और सुपर जोनल क्षेत्रों में विभाजित किया है। प्रत्येक क्षेत्र में डीलरवार सेक्टर दंडाधिकारी, जोनल दंडाधिकारी और सुपर जोनल दंडाधिकारी की तैनाती की गई है, ताकि एलपीजी गैस की आपूर्ति व्यवस्था पर कड़ी नजर रखी जा सके।


जिला प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी समस्या या अनियमितता की सूचना तुरंत प्रशासन को दें। प्रशासन का कहना है कि सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं ताकि पटना में घरेलू एलपीजी गैस की आपूर्ति बिना किसी बाधा के सुचारू रूप से जारी रहे।