BIHAR NEWS : विदेशी ऋण से बन रहे दो मेगा प्रोजेक्ट जल्द होंगे पूरे, एनएच-82 और कच्ची दरगाह-बिदुपुर पुल से बदलेगी बिहार की कनेक्टिविटी

विदेशी फंडिंग से बन रहे एनएच-82 और कच्ची दरगाह-बिदुपुर छह लेन पुल का निर्माण अंतिम चरण में है। सरकार के मुताबिक दोनों मेगा प्रोजेक्ट 2026 में पूरे होंगे, जिससे बिहार की कनेक्टिविटी और तेज होगी।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 14, 2026, 3:29:42 PM

BIHAR NEWS : विदेशी ऋण से बन रहे दो मेगा प्रोजेक्ट जल्द होंगे पूरे, एनएच-82 और कच्ची दरगाह-बिदुपुर पुल से बदलेगी बिहार की कनेक्टिविटी

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BIHAR NEWS : बिहार में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में चल रहे दो बड़े प्रोजेक्ट इस साल पूरा होने की ओर बढ़ रहे हैं। विदेशी ऋण से तैयार हो रहे एनएच-82 सड़क परियोजना और गंगा नदी पर कच्ची दरगाह-बिदुपुर छह लेन पुल का निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है। राज्य सरकार और संबंधित एजेंसियों का दावा है कि दोनों मेगा प्रोजेक्ट इस वर्ष ही पूरी तरह तैयार हो जाएंगे, जिससे बिहार में सड़क संपर्क और परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।


दरअसल, इन दोनों परियोजनाओं को अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों से आर्थिक सहयोग मिला है। गया से नालंदा तक बनने वाली एनएच-82 सड़क परियोजना को जापान इंटरनेशनल कॉरपोरेशन एजेंसी (JICA) द्वारा वित्तीय सहायता दी जा रही है, जबकि गंगा नदी पर बन रहे कच्ची दरगाह-बिदुपुर छह लेन पुल के लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) ने फंडिंग की है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में बाह्य संपोषित योजनाओं के तहत राज्य सरकार ने कुल 2443 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया है।


एनएच-82: गया से नालंदा तक बेहतर कनेक्टिविटी

जाइका के सहयोग से बन रही एनएच-82 परियोजना बिहार के कई महत्वपूर्ण शहरों को जोड़ने वाली प्रमुख सड़क परियोजना है। यह सड़क गया-मानपुर-हिसुआ-राजगीर-नालंदा को जोड़ते हुए लगभग 93 किलोमीटर लंबी है। इस परियोजना की कुल लागत 2138 करोड़ रुपये है, जिसमें से 1197 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता जापान इंटरनेशनल कॉरपोरेशन एजेंसी द्वारा दी गई है।


यह परियोजना सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अधीन है और इसका निर्माण बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (BSRDC) द्वारा कराया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार सड़क निर्माण का अधिकांश कार्य पूरा कर लिया गया है। केवल 10वें किलोमीटर पर एक रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) का निर्माण शेष है। विभाग का लक्ष्य है कि यह बचा हुआ काम भी जुलाई 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके पूरा होने के बाद गया, राजगीर और नालंदा के बीच यात्रा और भी तेज व सुगम हो जाएगी।


कच्ची दरगाह-बिदुपुर छह लेन पुल: गंगा पार करना होगा आसान

दूसरी बड़ी परियोजना गंगा नदी पर बन रहा कच्ची दरगाह-बिदुपुर छह लेन पुल है, जिसे बिहार के सबसे महत्वपूर्ण सड़क प्रोजेक्ट्स में माना जा रहा है। इस पुल के निर्माण के लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक ने 3472.42 करोड़ रुपये का ऋण उपलब्ध कराया है। यह एक ग्रीनफील्ड परियोजना है, जिसके तहत आधुनिक तकनीक से छह लेन का पुल बनाया जा रहा है।


इस परियोजना के अंतर्गत कच्ची दरगाह से राघोपुर तक पुल का निर्माण कार्य पहले ही पूरा हो चुका है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक जनवरी 2026 तक परियोजना का 93.80 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया गया था। शेष काम तेजी से चल रहा है और अधिकारियों का कहना है कि अप्रैल 2026 तक पूरी परियोजना को पूरा कर लिया जाएगा।


यह पुल पटना और वैशाली जिले के बीच सीधी और तेज सड़क संपर्क उपलब्ध कराएगा। इससे उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच आवागमन आसान होगा और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।


आर्थिक और पर्यटन को मिलेगा लाभ

विशेषज्ञों का मानना है कि इन दोनों परियोजनाओं के पूरा होने से बिहार की कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार होगा। एनएच-82 के बनने से गया, राजगीर और नालंदा जैसे धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंचना आसान होगा, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। वहीं कच्ची दरगाह-बिदुपुर पुल बनने से गंगा पार के इलाकों की दूरी कम होगी और व्यापारिक गतिविधियां तेज होंगी। राज्य सरकार का कहना है कि विदेशी वित्तीय सहयोग से बन रही इन परियोजनाओं के पूरा होने से बिहार के सड़क नेटवर्क को नई मजबूती मिलेगी और आने वाले वर्षों में राज्य के आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी।