मगरमच्छ ने बाघ के बच्चे को बनाया शिकार, पोस्टमार्टम के बाद होगा अंतिम संस्कार सारण में 36 पुलिस पदाधिकारियों का तबादला, कई थानाध्यक्ष लाइन हाजिर, देखिये पूरी लिस्ट.. बिहार में ‘रील’ के नाम पर खौफ का खेल… हाथ में पिस्टल लेकर युवक ने बनाया वीडियो, सिस्टम पर उठे बड़े सवाल कटिहार में शर्मनाक कांड: नशे में धुत अर्धनग्न मिले डॉक्टर, ड्यूटी के दौरान किया हंगामा एक झटके में बुझ गया घर का चिराग… ट्रक से टक्कर में 23 साल के युवक की दर्दनाक मौत “नए सीएम के सिर पर होगा कांटों का ताज” – जेडीयू विधायक भगवान सिंह कुशवाहा का बड़ा बयान CO की हड़ताल के बीच डिप्टी CM का भूमि सुधार जन कल्याण संवाद, विजय सिन्हा 2 तारीख को इस शहर में सुनेंगे जमीन से जुड़ी समस्या CO की हड़ताल के बीच डिप्टी CM का भूमि सुधार जन कल्याण संवाद, विजय सिन्हा 2 तारीख को इस शहर में सुनेंगे जमीन से जुड़ी समस्या Bihar Ias Posting: नीतीश सरकार ने 11 ट्रेनी IAS अफसरों को जिला अलॉट किया, बनाए गए सहायक समाहर्ता, लिस्ट देखें.... जंगल का शिकारी खुद बना शिकार… VTR में मगरमच्छ के हमले से बाघ की मौत, बढ़ते खतरे ने बढ़ाई चिंता
29-Mar-2025 04:45 PM
By FIRST BIHAR
Alkatara Ghotala: बिहार झारखंड के चर्चित अलकतरा घोटाले में रांची की स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने इस मामले में लालू प्रसाद के करीबी पूर्व मंत्री इलियास हुसैन समेत पांच आरोपियों को दोषी मानते हुए तीन साल की सजा का एलान किया है जबकि साक्ष्य के अभाव में सात आरोपियों को बरी कर दिया है।
लालू प्रसाद के मुख्यमंत्री रहते संयुक्त बिहार में हुए अलकतरा घोटाले में बिहार के पूर्व पथ निर्माण मंत्री इलियास हुसैन के अलावा उनके पीए शहाबुद्दीन, पवन कुमार अग्रवाल, अशोक कुमार अग्रवाल और विनय कुमार सिन्हा को तीन-तीन साल की सजा हुई है। सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने सभी दोषियों पर 15-15 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
वहीं स्पेशल कोर्ट ने सबूतों के अभाव में सात आरोपियों जी रामनाथ, एसपी माथुर, तरुण गांगुली, रंजन प्रधान, सुबह सिन्हा और एम सी अग्रवाल को बरी कर दिया। बता दें कि 27.70 लाख रुपए का अलकतरा घोटाला हुआ था। पवन करियर नाम की कंपनी से अलकतरा सप्लाई किए जाने के फर्जी कागजात बनवाए गए थे।
जानकारी के मुताबिक, साल 1995 में आरसीडी की तरफ से हजारीबाग में सड़क का निर्माण कराया जाना था। सड़क निर्माण के लिए हल्दिया ऑयल रिफाइनरी कोलकाता से अलकतरा आना था लेकिन मंत्री और अधिकारियों ने मिलीभगत कर सरकार को करोड़ों रुपए का चूना लगाया था। मामले की जांच का जिम्मा सीबीआई को मिला।