ब्रेकिंग न्यूज़

BIHAR POLICE : थानेदार का फायरिंग का पुराना रिकॉर्ड, मुजफ्फरपुर के तीन थाना क्षेत्रों में कर चुका है फायरिंग; गायघाट गोलीकांड के बाद विवादों में SHO अजब प्रेम की गजब कहानी: जिगरी दोस्त की पत्नी पर आया युवक का दिल, पति ने करा दी शादी BIHAR NEWS : अचानक ब्रेक से ट्रकों की टक्कर, खलासी की मौत, चालक गंभीर Bihar Crime: चाय पी रहे युवक की पीट-पीटकर हत्या: बहन की शादी में शामिल होने आया था घर, परिजनों ने सड़क किया जाम Bihar News : सम्राट मॉडल कहने पर भड़का JDU, BJP को मिला करारा जवाब - तब तो कहिएगा की मदन सहनी मॉडल? बिहार में एक ही मॉडल वो है.... जमीन विवाद में भाइयों के बीच खूनी संघर्ष: एक की मौत, दो गंभीर रूप से घायल, आरोपी फरार Bihar News : जेल से निकलने को तैयार अनंत सिंह, बस एक कागज़ ने रोक दी रिहाई! जानिए कब बाहर आएंगे बाहुबली नेता और क्या है स्वागत की तैयारी Bihar News: नीतीश नहीं सम्राट मॉडल ! BJP की हुंकार-अगले तीन महीने में खत्म कर देंगे अपराध BIHAR NEWS : खाकी पर सवाल ! मुजफ्फरपुर कांड में SHO समेत 8 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर, CID करेगी जांच Bihar News : तस्करों पर नहीं, एक-दूसरे पर टूट पड़ी खाकी! तस्करों के बजाय आपस में ही उलझ गई पुलिस, मद्य निषेध विभाग का सिपाही लहूलुहान

Home / career / कभी बकरियां चराईं... तो कभी 10 रुपए के लिए मजदूरी की, मजदूर से...

कभी बकरियां चराईं... तो कभी 10 रुपए के लिए मजदूरी की, मजदूर से IAS बनने की रामभजन की दिलचस्प कहानी

कभी 10 रुपये में मजदूरी करने वाले, बकरियां चराने वाले, दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल बनने वाले और 8वें प्रयास में यूपीएससी पास कर आईएएस अधिकारी बनने वाले राम भजन कुम्हार की प्रेरक कहानी। उनकी कहानी कड़ी मेहनत, धैर्य और जुनून की मिसाल है।

21-Feb-2025 08:48 AM

By First Bihar

हर साल लाखों युवा यूपीएससी की परीक्षा देते हैं, लेकिन उनमें से कुछ ही सफल हो पाते हैं। यह परीक्षा जितनी कठिन है, इसके सफल उम्मीदवारों की कहानी भी संघर्ष से भरी है। आज हम आपको एक ऐसे ही शख्स की कहानी बताएंगे, जिसने जिंदगी की तमाम मुश्किलों को पार करते हुए अपने सपनों को हकीकत में बदला। ये कहानी है राजस्थान के राम भजन कुम्हार की, जो कभी 10 रुपये में मजदूरी करते थे, बकरियां चराते थे और आज आईएएस अफसर बनकर लाखों युवाओं को प्रेरणा दे रहे हैं। 


राजस्थान के वापी गांव के रहने वाले राम भजन का परिवार बेहद गरीब था। उनके घर में दो वक्त का खाना भी मुश्किल से मिल पाता था। हालात इतने खराब थे कि उन्हें बकरियां पाल कर और उनका दूध बेचकर गुजारा करना पड़ता था। इसके अलावा वो और उनके परिवार के लोग दिहाड़ी मजदूरी कर रोजाना 5-10 रुपये कमाते थे, जिससे किसी तरह परिवार का पेट भरता था। लेकिन राम भजन ने ठान लिया था कि वो अपनी किस्मत खुद लिखेंगे और इस गरीबी से निकलकर कुछ बड़ा करेंगे। 


राम भजन के जीवन में सबसे बड़ा झटका तब लगा जब कोविड-19 महामारी के दौरान उनके पिता का निधन हो गया. उनके पिता अस्थमा से पीड़ित थे, लेकिन उचित इलाज के अभाव में उनकी मौत हो गई. इसके बाद परिवार की आर्थिक स्थिति और खराब हो गई. घर चलाने के लिए राम भजन बकरी पालन के साथ-साथ मजदूरी भी करते रहे, लेकिन साथ ही उन्होंने पढ़ाई का सपना नहीं छोड़ा. 


संघर्षों के बीच राम भजन को दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल की नौकरी मिल गई. नौकरी मिलने के बाद उनकी आर्थिक स्थिति थोड़ी ठीक हुई, लेकिन उनके सपने बड़े थे. वह आईएएस अफसर बनना चाहते थे, इसलिए उन्होंने कांस्टेबल की नौकरी के साथ-साथ यूपीएससी परीक्षा की तैयारी भी शुरू कर दी. राम भजन के लिए यूपीएससी की राह आसान नहीं थी. उन्हें लगातार 7 बार असफलता का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी. आखिरकार साल 2022 में अपने 8वें प्रयास में उन्होंने सफलता हासिल की और 667वीं रैंक के साथ आईएएस अफसर बने. 


आज राम भजन न सिर्फ खुद एक सफल अफसर हैं, बल्कि लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गए हैं. उनकी कहानी हमें बताती है कि परिस्थिति चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हो, अगर आपके पास कड़ी मेहनत, धैर्य और जुनून है, तो आप हर मुश्किल को पार कर सकते हैं। उनके शब्दों में, "संघर्ष के बिना सफलता अधूरी है। जब तक आप अपने सपनों को हासिल करने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास नहीं करते, तब तक आप अपनी मंजिल तक नहीं पहुँच पाएंगे।"