प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बोर्ड परीक्षाओं के मद्देनजर 10वीं और 12वीं के छात्रों से 'परीक्षा पे चर्चा 2025' के आठवें संस्करण में संवाद किया। यह इवेंट छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के लिए तनाव मुक्त परीक्षा की दिशा में प्रेरणा और मार्गदर्शन का अनूठा मंच बन गया। इस साल कार्यक्रम को एक नए इंटरैक्टिव फॉर्मेट में आयोजित किया गया, जिसमें कई हस्तियों ने भाग लिया और बच्चों के सवालों का जवाब दिया।


PM मोदी के छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के लिए 10 महत्वपूर्ण सुझाव:

बच्चों की भावनाओं को समझें:माता-पिता और शिक्षक बच्चों पर अतिरिक्त दबाव न डालें। यदि बच्चा कलाकार बनना चाहता है, तो उसे इंजीनियर बनने के लिए मजबूर न करें। बच्चों की इच्छाओं और क्षमताओं को पहचानकर उनका साथ दें।


व्यावहारिक लक्ष्य बनाएं:

प्रधानमंत्री ने कहा कि लक्ष्य ऐसा होना चाहिए, जो पहुंच में हो, लेकिन उसे पाना चुनौतीपूर्ण हो। यदि आप 95% अंक लाने का लक्ष्य बनाते हैं और 93% आते हैं, तो भी यह सफलता है।


प्राणायाम और ध्यान करें:

शरीर पर नियंत्रण और मन की एकाग्रता के लिए प्राणायाम और ध्यान करना फायदेमंद है। यह तनाव को कम करने में मदद करता है और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करता है।


अपनों से मन की बात करें:

तनाव को दूर करने के लिए अपने माता-पिता, भाई-बहन या दोस्तों से बातचीत करें। अकेलेपन से बचें और अपने विचार साझा करें।


समय प्रबंधन सीखें:

पीएम मोदी ने कहा कि हर व्यक्ति के पास दिन में 24 घंटे होते हैं। जो समय का सही प्रबंधन करता है, वही सफल होता है। समय के अधिकतम उपयोग पर ध्यान दें।


बच्चों को खुला आसमान दें:

बच्चों को दीवारों में बंद करके केवल किताबों तक सीमित न रखें। उन्हें अपनी रुचियों और कौशल को विकसित करने के लिए स्वतंत्रता दें।


बच्चों की ताकत को पहचानें:

शिक्षकों को छात्रों की प्रतिभा और ताकत को पहचानना चाहिए। हर बच्चे के अंदर कोई न कोई विशेषता होती है, जिसे निखारने की जरूरत है।


पॉजिटिविटी खोजें:

हर परिस्थिति में सकारात्मकता खोजने की आदत डालें। अपने दोस्तों के गुणों और उनकी विशेषताओं पर ध्यान दें। यह दृष्टिकोण आपको बेहतर इंसान बनने में मदद करेगा।


लीडरशिप का सिद्धांत अपनाएं:

‘जहां कम, वहां हम’ का सिद्धांत अपनाएं। एक अच्छा लीडर वही होता है, जो दूसरों की समस्याओं को समझकर उन्हें हल करने में मदद करे।


क्रिकेटर की तरह फोकस करें:

प्रधानमंत्री ने कहा कि स्टेडियम में शोर के बीच भी बल्लेबाज सिर्फ गेंद पर ध्यान केंद्रित करता है। छात्रों को भी अपना ध्यान पढ़ाई पर केंद्रित रखना चाहिए, न कि बाहरी दबावों पर।


नया फॉर्मेट और सेलिब्रिटीज की भागीदारी

इस बार 'परीक्षा पे चर्चा' का आयोजन एक नए इंटरैक्टिव फॉर्मेट में हुआ। इस कार्यक्रम को आठ एपिसोड में बांटा गया, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों की 12 हस्तियों ने बच्चों के सवालों का जवाब दिया। इवेंट का प्रोमो 8 फरवरी को जारी किया गया था।


ऐतिहासिक भागीदारी:

परीक्षा पे चर्चा 2025 के लिए इस बार 3.30 करोड़ से अधिक छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों ने रजिस्ट्रेशन किया। ऑनलाइन पंजीकरण 14 दिसंबर 2024 से 14 जनवरी 2025 तक चला।


प्रधानमंत्री का संदेश:

PM मोदी ने कहा कि पहले के समय में जब लोग तनाव में होते थे, तो अपने नाना-नानी, दादा-दादी या माता-पिता से बात कर लिया करते थे। इससे उन्हें यह महसूस होता था कि कोई उनका ख्याल रख रहा है। आज की पीढ़ी को भी अपने प्रियजनों से संवाद करना चाहिए। 'परीक्षा पे चर्चा' छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है। प्रधानमंत्री के इन सुझावों को अपनाकर छात्र न केवल परीक्षा बल्कि जीवन में भी तनाव मुक्त और सफल हो सकते हैं।