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16-Sep-2025 09:11 AM
By First Bihar
Success Story: हमारे समाज में अक्सर लोगों को उनकी ऊंचाई, रंग-रूप या शारीरिक बनावट के आधार पर परखा जाता है। लेकिन कुछ लोग इन सामाजिक धारणाओं को तोड़कर अपनी अलग पहचान बनाते हैं। ऐसी ही एक मिसाल हैं IAS अधिकारी आरती डोगरा, जिनकी हाइट सिर्फ 3.5 फीट है, लेकिन उनका हौसला और आत्मविश्वास किसी भी ऊंचाई से बड़ा साबित हुआ। उन्होंने न केवल अपने आत्मबल से समाज की सोच को बदला, बल्कि UPSC जैसी कठिन परीक्षा पास करके लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गईं।
आरती डोगरा का जन्म राजस्थान में हुआ, लेकिन उनकी प्रारंभिक पढ़ाई देहरादून में हुई। बचपन से ही वे पढ़ाई में अव्वल रहीं और हर विषय में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। उनकी छोटी हाइट के कारण उन्हें कई बार सामाजिक टिप्पणियों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने कभी खुद को कम नहीं समझा। स्कूल के दिनों से ही वे हर प्रकार की गतिविधियों में भाग लेती थीं — चाहे वह डिबेट हो, खेलकूद हो या सांस्कृतिक कार्यक्रम। उन्होंने यह साबित किया कि सीमाएं शरीर में नहीं, सोच में होती हैं।
UPSC सिविल सेवा परीक्षा भारत की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक मानी जाती है, जिसमें हर वर्ष लाखों अभ्यर्थी हिस्सा लेते हैं लेकिन सफलता कुछ ही को मिलती है। आरती डोगरा ने बिना किसी विशेष सुविधा के इस परीक्षा की तैयारी की और साल 2006 में पहली ही कोशिश में UPSC क्लियर कर IAS अधिकारी बन गईं। उनकी सफलता इस बात का प्रमाण है कि कठिन परिश्रम, आत्मविश्वास और सही रणनीति से कोई भी मंजिल दूर नहीं।
IAS बनने के बाद आरती डोगरा ने अपने काम के जरिये यह सिद्ध किया कि ईमानदारी, मेहनत और संवेदनशीलता से प्रशासनिक सेवाओं में आमूलचूल बदलाव लाया जा सकता है। उन्होंने राजस्थान, उत्तराखंड सहित कई क्षेत्रों में अपनी सेवा दी है और विशेष रूप से महिलाओं, दिव्यांगों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए कई योजनाएं शुरू कीं। वे अपने सादगीपूर्ण जीवन, जनता से सीधा संवाद और प्रभावी निर्णय क्षमता के लिए जानी जाती हैं।
उनका प्रशासनिक कार्य सिर्फ कार्यालय तक सीमित नहीं रहा, वे मैदानी दौरे, जनसुनवाई और जागरूकता अभियानों में सक्रिय रूप से भाग लेती रही हैं। उन्हें कई बार "People's Officer" भी कहा गया है क्योंकि वे जनता के करीब रहकर काम करती हैं।