Bihar News : बिहार में CBSE के नाम पर चल रहा फर्जीवाड़ा, पटना के दो स्कूलों पर FIR ; जानिए क्या है मामला Bihar APAR ID : बिहार में 64 लाख छात्रों ने अभी तक नहीं करवाया यह काम, इन योजनाओं का अब नहीं मिलेगा लाभ LPG Crisis Patna : पटना समेत राज्य में घरेलू गैस सिलिंडर की किल्लत, सरकार ने ऑनलाइन और ऑफलाइन बुकिंग के लिए किए अहम फैसले; जानिए क्या है नया नियम Bihar News : बिहार में राजस्व कर्मियों की हड़ताल के बीच सरकार की नई व्यवस्था, जमीन के काम नहीं होंगे प्रभावित LPG Crisis Patna : पटना में LPG संकट पर प्रशासन सख्त: गैस एजेंसी सील, FIR दर्ज; 132 सिलेंडर जब्त, इन लोगों की छुट्टी रद्द लॉ कॉलेज की छात्रा ने हॉस्टल में लगाई फांसी, सुसाइड नोट में शादी के दबाव का जिक्र सीतामढ़ी में LPG गैस की कालाबाजारी पर प्रशासन सख्त, राजीव गैस एजेंसी और होटलों में SDO की रेड पटना में चल रही NDA विधायक दल की बैठक खत्म, राज्यसभा चुनाव में पांचों सीटों पर जीत का दावा पटना महावीर मंदिर में नैवेद्यम और दरिद्र नारायण भोज जारी रहेगा, गैस खत्म होने पर लकड़ी-कोयला से बनेगा प्रसाद शहरों में 25 दिन और ग्रामीण इलाकों में इतने दिन में लगेगा LPG सिलेंडर का नंबर, मिट्टी तेल की भी वापसी
17-Feb-2025 03:25 PM
By First Bihar
देश की प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों – रिलायंस जियो, भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया का प्रतिनिधित्व करने वाले सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (COAI) ने इन नियमों को अव्यवहारिक और अनुचित बताया है।
COAI के महानिदेशक एसपी कोचर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि TRAI ने नए नियम लागू करने से पहले हमारी चिंताओं को सुना ही नहीं। हमने बार-बार आग्रह किया था कि केवल टेलीकॉम ऑपरेटरों को दंडित करने के बजाय टेलीमार्केटर्स और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को भी नियमन के दायरे में लाया जाए। लेकिन TRAI ने इस पर ध्यान नहीं दिया।
नए नियमों के तहत टेलीकॉम कंपनियों पर भारी जुर्माना
TRAI के संशोधित नियमों के मुताबिक, अगर कोई टेलीकॉम ऑपरेटर स्पैम कॉल्स और मैसेजेज को रोकने में असफल होता है, तो उसे भारी भरकम जुर्माना देना होगा:
एसपी कोचर ने सवाल उठाया कि "अगर TRAI उपभोक्ताओं को सुरक्षित करना चाहता है, तो यह नियम सिर्फ टेलीकॉम ऑपरेटरों पर क्यों लागू हो रहे हैं? ओटीटी सर्विस प्रोवाइडर्स भी भारी संख्या में स्पैम कॉल्स और मैसेज भेज रहे हैं, लेकिन उन पर कोई लगाम नहीं लगाई जा रही।"
COAI ने टेलीमार्केटर्स और ओटीटी सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए लाइसेंसिंग सिस्टम लागू करने की मांग की है, ताकि वे भी नियमों के दायरे में आएं और उनके खिलाफ कार्रवाई हो सके।