पटना में NMCH क्लर्क के घर दिनदहाड़े चोरी, 35 लाख के जेवरात ले उड़े चोर दरभंगा एयरपोर्ट से बेंगलुरु की सीधी उड़ान शुरू, शिक्षा-रोजगार के खुलेंगे नए द्वार दरभंगा एयरपोर्ट से बेंगलुरु की सीधी उड़ान शुरू, शिक्षा-रोजगार के खुलेंगे नए द्वार भाई वीरेंद्र का बीजेपी पर हमला: “लालू और परिवार तक ही सीमित है उनकी राजनीति, JDU भी एक साल में खत्म” रुद्र सेना का संचालक निकला 50 लाख की लूट का मास्टरमाइंड, बिहार पुलिस की बड़ी कार्रवाई रुद्र सेना का संचालक निकला 50 लाख की लूट का मास्टरमाइंड, बिहार पुलिस की बड़ी कार्रवाई बिहार में गर्मी बढ़ने के साथ बढ़ीं अगलगी की घटनाएं, अग्निशमन विभाग ने कसी कमर पटना में इंगेजमेंट से पहले युवती अस्पताल में भर्ती, लड़के के खिलाफ केस दर्ज कराने से किया इनकार, क्या है पूरा मामला जानिये? सिर्फ 1% ब्याज पर मिलेगा लोन… इस स्कीम में छिपा बड़ा फायदा, जानें कैसे उठा सकते हैं लाभ बिहार में RTE के उल्लंघन पर सख्ती, शिक्षा विभाग ने 43 प्राइवेट स्कूलों से मांगा जवाब
02-Mar-2025 11:43 AM
By First Bihar
भारत की प्रमुख डिजिटल भुगतान कंपनी पेटीएम (Paytm) मुश्किलों में घिरती नजर आ रही है। कंपनी को फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (FEMA) के नियमों के उल्लंघन के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) से एक कारण बताओ नोटिस मिला है। यह मामला 2015 से 2019 के बीच हुए 611 करोड़ रुपए के लेन-देन से जुड़ा है, और अब इस पर सरकार की नजरें गहरी हो गई हैं।
पेटीएम के खिलाफ यह नोटिस उन ट्रांजैक्शन्स से संबंधित है, जो उसके द्वारा विभिन्न कंपनियों के साथ किए गए थे। इनमें से 345 करोड़ रुपए का लेन-देन पेटीएम की एक सहायक कंपनी लिटिल इंटरनेट प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ा है। वहीं, 21 करोड़ रुपए का ट्रांजैक्शन पेटीएम के दूसरे अधिग्रहण, नियरबाय इंडिया प्राइवेट लिमिटेड से संबंधित है। इसके अलावा, बाकी की राशि पेटीएम की पेरेंट कंपनी One97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड से जुड़ी है।
यह मामला खास इसलिए है क्योंकि पेटीएम ने 2017 में दोनों कंपनियों लिटिल इंटरनेट प्राइवेट लिमिटेड और नियरबाय इंडिया प्राइवेट लिमिटेड का अधिग्रहण किया था। इन ट्रांजैक्शन्स के दौरान, पेटीएम का कहना है कि ये कंपनियां तब वन97 कम्युनिकेशंस की सहायक कंपनियां नहीं थीं, और यह उल्लंघन उस समय हुआ था। हालांकि, ईडी ने इन लेन-देन के बारे में गंभीर सवाल उठाए हैं, जिसके बाद पेटीएम को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
इस मामले को लेकर पेटीएम ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। कंपनी ने साफ किया कि 28 फरवरी 2025 को यह नोटिस प्राप्त हुआ है और इसके बावजूद, पेटीएम की सर्विसेज पर इसका कोई असर नहीं पड़ा है। पेटीएम का कहना है कि वे इस मामले का समाधान करने की दिशा में काम कर रहे हैं और यह तकनीकी उल्लंघन है जो भविष्य में हल किया जाएगा।