अगर आप अपनी मेहनत की कमाई को फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो जल्दी कीजिए! भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा हाल ही में रेपो रेट में 50 बेसिस पॉइंट्स (0.50%) की कटौती के बाद अब बैंकों के लिए कर्ज लेना सस्ता हो गया है। इसका सीधा असर आपकी एफडी की ब्याज दरों पर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि बैंक जल्द ही अपनी एफडी स्कीम्स की ब्याज दरों में कटौती कर सकते हैं, जिससे निवेशकों को पहले की तुलना में कम रिटर्न मिल सकता है।

क्या है रेपो रेट और इसका असर?

रेपो रेट वह ब्याज दर है जिस पर आरबीआई बैंकों को कर्ज देता है। जब यह दर कम होती है, तो बैंक भी अपने ग्राहकों को कम ब्याज पर लोन देते हैं, जिससे लोन लेने वालों को फायदा होता है। लेकिन इसका दूसरा पहलू यह है कि इससे एफडी और अन्य डिपॉजिट स्कीम्स पर मिलने वाले ब्याज में कटौती होती है।

क्या आप एफडी में निवेश करने की सोच रहे हैंतुरंत करें फैसला!

ब्याज दरों में संभावित गिरावट को देखते हुए अगर आप एफडी में निवेश करने की योजना बना रहे हैं, तो इसे जल्दी कर लेना बेहतर होगा। मौजूदा दरों पर निवेश करने से आपको ज्यादा रिटर्न मिल सकता है, क्योंकि भविष्य में ये दरें और कम हो सकती हैं।

बैंकों की मौजूदा एफडी ब्याज दरें

आइए एक नजर डालते हैं कि देश के प्रमुख बैंक फिलहाल एफडी पर कितना ब्याज दे रहे हैं:

Axis Bank: सामान्य नागरिकों को 3% से 7.25% और सीनियर सिटिजंस को 3.50% से 7.75% ब्याज।