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वाराणसी-रांची-कोलकाता 6-लेन ग्रीनफील्ड हाईवे को मिली रफ्तार, गया में 33 किमी निर्माण के लिए 3 क्रशर मशीनों की मंजूरी

Varanasi Kolkata Six Lane: वाराणसी-रांची-कोलकाता 6-लेन ग्रीनफील्ड हाईवे के गया जिले में 33 किमी निर्माण के लिए तीन क्रशर मशीनों को मंजूरी, स्थानीय स्तर पर पत्थर क्रशिंग से समय और लागत में होगी बचत।

01-Mar-2026 06:54 PM

By FIRST BIHAR

Varanasi Kolkata Six Lane: वाराणसी-रांची-कोलकाता के बीच बन रहे 6-लेन ग्रीनफील्ड हाईवे के निर्माण को लेकर बिहार सरकार के खान एवं भू-तत्व विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। गया जिले में इस हाईवे का करीब 33 किलोमीटर लंबा हिस्सा बनना है, जो पहाड़ी और ऊबड़-खाबड़ इलाकों से होकर गुजरेगा।


इस कठिन भूभाग को समतल और सुगम बनाने के लिए सरकार ने गया के ग्राम अनरबंसेलिया से संग्रामपुर तक हार्ड रॉक की कटाई और क्रशिंग के लिए तीन क्रशर मशीनें लगाने की अनुमति दी है। यह जिम्मेदारी कोलकाता की कंपनी मेसर्स जीआर वाराणसी कोलकाता हाईवे प्राइवेट लिमिटेड को सौंपी गई है। 


विभागीय आदेश के अनुसार, कंपनी अगले तीन वर्षों तक इन क्रशर मशीनों का संचालन कर सकेगी। इनमें से दो क्रशर स्थायी रूप से एक स्थान पर लगाए जाएंगे, जबकि एक मोबाइल क्रशर होगा, जिसे आवश्यकता अनुसार स्थानांतरित किया जा सकेगा। सरकार का कहना है कि स्थानीय स्तर पर पत्थरों की क्रशिंग होने से बाहर से गिट्टी मंगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे समय और लागत दोनों की बचत होगी।


हालांकि, कंपनी को कड़ी शर्तों का पालन करना होगा। काम शुरू करने से पहले उसे प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सहित संबंधित विभागों से आवश्यक एनओसी प्राप्त करनी होगी। पूरे कार्य की नियमित निगरानी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा की जाएगी। NHAI नियमों के अनुपालन की रिपोर्ट सीधे गया के जिलाधिकारी को सौंपेगा।


सरकार ने स्पष्ट किया है कि हाईवे निर्माण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कंपनी को प्रतिदिन का कार्य विवरण रजिस्टर में दर्ज करना होगा, जिसकी जांच अधिकारी कभी भी कर सकते हैं। 6-लेन ग्रीनफील्ड हाईवे के निर्माण से बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के बीच आवागमन सुगम होगा। साथ ही, क्षेत्र में व्यापार, परिवहन और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होने की उम्मीद है।