1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 27, 2026, 7:06:20 AM
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Ram Navami : रामनवमी के पावन अवसर पर महावीर मंदिर जय श्री राम के नारों से गूंज उठा। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पटना समेत आसपास के जिलों से हजारों की संख्या में भक्त भगवान राम के दर्शन के लिए पहुंचे। पूरा इलाका भक्तिमय माहौल में डूबा नजर आया, जहां हर तरफ भक्ति गीत, भजन और जयकारों की गूंज सुनाई दे रही थी।
मंदिर प्रशासन ने रामनवमी को लेकर विशेष तैयारियां की थीं। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो। पुलिस बल के साथ-साथ स्वयंसेवकों की तैनाती की गई थी, जो श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से दर्शन कराने में जुटे थे। मंदिर के प्रवेश और निकास द्वारों को अलग-अलग रखा गया था, जिससे भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।
सुबह ब्रह्म मुहूर्त से ही श्रद्धालुओं की कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, भीड़ का उत्साह भी बढ़ता गया। भक्त “जय श्री राम” और “हनुमान जी की जय” के उद्घोष के साथ मंदिर में प्रवेश कर रहे थे। कई श्रद्धालु व्रत रखकर भगवान राम की पूजा-अर्चना कर रहे थे और अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना कर रहे थे।
रामनवमी के अवसर पर मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। रंग-बिरंगी लाइटें, फूलों की सजावट और विशेष झांकियों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। भगवान राम के जन्म की झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र बनी रही, जिसे देखने के लिए भक्तों की लंबी लाइन लगी रही। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर आयु वर्ग के लोगों में उत्साह देखने को मिला।
इस दौरान मंदिर में विशेष पूजा और आरती का आयोजन भी किया गया। पुजारियों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान राम का जन्मोत्सव मनाया गया। दोपहर के समय भगवान राम के जन्म का प्रतीकात्मक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें घंटों और शंखनाद के बीच पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने इस पावन क्षण को बड़े ही भावुक और श्रद्धा से महसूस किया।
प्रशासन की ओर से भीड़ को देखते हुए यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया था। मंदिर के आसपास के इलाकों में वाहनों के प्रवेश पर आंशिक रोक लगाई गई थी, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। चिकित्सा टीम और एम्बुलेंस भी मौके पर तैनात रहे, जिससे किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
मंदिर के बाहर प्रसाद और पूजा सामग्री की दुकानों पर भी काफी चहल-पहल रही। श्रद्धालु प्रसाद खरीदकर भगवान को अर्पित कर रहे थे और अपने साथ घर भी ले जा रहे थे। कई सामाजिक संगठनों द्वारा श्रद्धालुओं के लिए जल और शरबत की व्यवस्था भी की गई थी, जिससे लोगों को राहत मिल सके।
रामनवमी के इस भव्य आयोजन ने पटना के धार्मिक और सांस्कृतिक माहौल को और भी जीवंत बना दिया। पूरे दिन शहर में भक्ति की लहर दौड़ती रही और महावीर मंदिर श्रद्धालुओं के आस्था का केंद्र बना रहा। इस अवसर पर उमड़ी भीड़ और गूंजते जयकारों ने यह साबित कर दिया कि भगवान राम के प्रति लोगों की श्रद्धा आज भी उतनी ही अटूट और प्रबल है।