इंस्टाग्राम स्टोरी बनी मौत का पैगाम: बिहार में अवैध संबंध के कारण दुकानदार की बेरहमी से हत्या, आरोपी पत्नी गिरफ्तार Six Lane Bridge : मोकामा-बेगूसराय सिक्स लेन पुल पर जल्द शुरू होगी यह सुविधा, परिवहन मंत्री ने दिया जवाब Bihar Vidhan Sabha: फुलवारी शरीफ में महिला डिग्री कॉलेज की मांग, जानिए शिक्षा मंत्री ने विधानसभा में क्या दिया जवाब Bihar Vidhan Sabha: बिहार में सहायक निबंधक पद की नियुक्ति पर प्रशासनिक अड़चन जारी, 7 सालों से खाली पदों पर अभी तक नहीं आए अधिकारी Bihar Vidhan Sabha : नल -जल योजना के तहत हो रहा खूब भ्रष्टाचार ! अपने ही सरकार पर LJP(R) और BJP के विधायक ने लगाया आरोप, विपक्ष भी समर्थन में आया; अधिकारियों पर गड़बड़ी का आरोप Bihar Budget Session 2026: बिहार विधानसभा बजट सत्र का तीसरा दिन, सदन के बाहर लगे ‘नीतीश कुमार, हाय-हाय के नारे’ Bihar Budget Session 2026: बिहार विधानसभा बजट सत्र का तीसरा दिन, सदन के बाहर लगे ‘नीतीश कुमार, हाय-हाय के नारे’ Bihar government drainage : टाल इलाके में जल जमाव की समस्या का कब होगा निदान, सदन में उठा सवाल तो जल संसाधन विभाग ने बताया समय और पूरा तरीका NEET student case : 'नीट मामले में बोलने पर पुलिस अधिकारियों का आता है फोन', RJD MLA भाई वीरेंद्र का सनसनीखेज खुलासा, बताया किसको बचा रही सरकार Bihar Budget Session 2026-27 : बिहार विधानसभा बजट सत्र के तीसरे दिन की कार्यवाही शुरू, आज तेजस्वी यादव भी राज्यपाल के अभिभाषण पर रखेंगे अपनी बात
13-Jun-2025 09:01 AM
By First Bihar
Bihar News: बिहार के वैशाली जिले में स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल बाबा हरिहरनाथ मंदिर को अब अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार द्वारा हरिहरनाथ मंदिर कॉरिडोर परियोजना के पहले चरण का कार्य शुरू कर दिया गया है। इस परियोजना के अंतर्गत मंदिर के आसपास के पूरे क्षेत्र का सौंदर्यीकरण किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
सोनपुर स्थित यह मंदिर अपनी धार्मिक विशिष्टता के कारण विशेष महत्व रखता है। यह भारत का एकमात्र ऐसा मंदिर है जहां भगवान शिव और भगवान विष्णु की एक ही शिवलिंग में स्थापना है। यही कारण है कि यह मंदिर आम जनमानस के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की भी गहरी आस्था का केंद्र है। हर साल सोनपुर मेला के दौरान यहां लाखों श्रद्धालु आते हैं, और अब सरकार चाहती है कि यह स्थल केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और पर्यटन क्षेत्र के रूप में भी विकसित हो।
इस भव्य योजना के तहत हरिहरनाथ मंदिर कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है, जो गंगा और गंडक नदी के संगम से लेकर मंदिर तक फैला होगा। सारण जिलाधिकारी (डीएम) अमन समीर ने खुद मंदिर पहुंचकर फेज-1 के अंतर्गत चल रहे कार्यों का निरीक्षण किया। इसके साथ ही उन्होंने काली घाट से दीघा पुल तक रिवर फ्रंट डेवलपमेंट के लिए कंसल्टेंट टीम के साथ विस्तृत चर्चा की।
डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिया कि कॉरिडोर के निर्माण के दौरान काली घाट से मंदिर तक किसी भी नए अनधिकृत निर्माण पर पूर्ण रूप से रोक लगाई जाए, ताकि मूल योजना प्रभावित न हो। फेज-1 की प्रगति के साथ-साथ अब फेज-2 के लिए भी सुव्यवस्थित कार्य योजना और मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। इसमें मंदिर परिसर, घाटों, यातायात प्रबंधन, पार्किंग सुविधा, श्रद्धालुओं की सुरक्षा, और पर्यटन सुविधाओं को शामिल किया जाएगा।
मंदिर कमेटी के सचिव विजय सिंह ने सरकार और पर्यटन विभाग को धन्यवाद देते हुए कहा, “यह हम सभी के लिए गर्व की बात है कि हरिहरनाथ मंदिर अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर उभरेगा। इस विकास से न सिर्फ श्रद्धालुओं को सुविधा होगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।”