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01-Dec-2025 07:30 PM
By SANT SAROJ
SUPAUL: राघोपुर के विधायक व राजद नेता तेजस्वी यादव भ्रष्टाचार को लेकर नीतीश सरकार पर अक्सर हमला बोलते रहते हैं। वो कहते रहते हैं कि बिना पदाधिकारियों और कर्मचारियों को चढ़ावा चढ़ाये कोई काम सरकारी कार्यालय में नहीं होता है। जो बात तेजस्वी यादव कहा करते हैं वही बात आज सुपौल के लोग कह रहे हैं। सुपौल के पिपरा नगर पंचायत में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर सोमवार को स्थानीय लोगों का गुस्सा अचानक फूट पड़ा।
वार्ड 7 के पार्षद आशीष कुमार के नेतृत्व में सैकड़ों महिला-पुरुष नगर पंचायत कार्यालय के सामने जुटे और जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन करने लगे। प्रदर्शनकारियों ने कार्यालय के मुख्य द्वार पर बैठकर धरना दिया। लोगों का आरोप है कि नगर पंचायत में पीएम आवास योजना समेत कई सरकारी योजनाओं में खुलेआम अवैध वसूली की जा रही है।
लाभुकों से पैसे लेकर योजनाओं का चयन किया जाता है, जबकि वास्तविक पात्र लोग वंचित रह जाते हैं। लोगों का कहना है कि योजनाओं के क्रियान्वयन में बड़े पैमाने पर अनियमितताएँ हो रही हैं,जिसकी वजह से पारदर्शिता समाप्त हो गई है और भ्रष्टाचार लगातार बढ़ता जा रहा है।
प्रदर्शन में शामिल विभिन्न वार्डों के लोगों का कहना था कि नगर पंचायत में भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच चुका है और इसकी शिकायत पहले भी कई बार की गई,लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्रदर्शनकारी बार-बार यह मांग उठाते रहे कि पूरे नगर पंचायत की कार्यप्रणाली की जांच कर अवैध वसूली में शामिल कर्मियों और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
धरनास्थल पर ही गुस्साए लोगों ने वरीय अधिकारियों को एक लिखित आवेदन दिया है। आवेदन में पिपरा नगर पंचायत में चल रही अनियमितताओं की उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषियों को चिन्हित कर कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की गई है। प्रदर्शन के दौरान महिलाएं भी बड़ी संख्या में मौजूद रहीं, जिन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के कारण गरीब और जरूरतमंद लोग सरकारी सुविधाओं से वंचित हो रहे हैं।
SUPAUL: राघोपुर के विधायक व राजद नेता तेजस्वी यादव भ्रष्टाचार को लेकर नीतीश सरकार पर अक्सर हमला बोलते रहते हैं। वो कहते रहते हैं कि बिना पदाधिकारियों और कर्मचारियों को चढ़ावा चढ़ाये कोई काम सरकारी कार्यालय में नहीं होता है। जो बात तेजस्वी यादव कहा करते हैं वही बात आज सुपौल के लोग कह रहे हैं। सुपौल के पिपरा नगर पंचायत में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर सोमवार को स्थानीय लोगों का गुस्सा अचानक फूट पड़ा।
वार्ड 7 के पार्षद आशीष कुमार के नेतृत्व में सैकड़ों महिला-पुरुष नगर पंचायत कार्यालय के सामने जुटे और जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन करने लगे। प्रदर्शनकारियों ने कार्यालय के मुख्य द्वार पर बैठकर धरना दिया। लोगों का आरोप है कि नगर पंचायत में पीएम आवास योजना समेत कई सरकारी योजनाओं में खुलेआम अवैध वसूली की जा रही है।
लाभुकों से पैसे लेकर योजनाओं का चयन किया जाता है, जबकि वास्तविक पात्र लोग वंचित रह जाते हैं। लोगों का कहना है कि योजनाओं के क्रियान्वयन में बड़े पैमाने पर अनियमितताएँ हो रही हैं,जिसकी वजह से पारदर्शिता समाप्त हो गई है और भ्रष्टाचार लगातार बढ़ता जा रहा है।
प्रदर्शन में शामिल विभिन्न वार्डों के लोगों का कहना था कि नगर पंचायत में भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच चुका है और इसकी शिकायत पहले भी कई बार की गई,लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्रदर्शनकारी बार-बार यह मांग उठाते रहे कि पूरे नगर पंचायत की कार्यप्रणाली की जांच कर अवैध वसूली में शामिल कर्मियों और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
धरनास्थल पर ही गुस्साए लोगों ने वरीय अधिकारियों को एक लिखित आवेदन दिया है। आवेदन में पिपरा नगर पंचायत में चल रही अनियमितताओं की उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषियों को चिन्हित कर कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की गई है। प्रदर्शन के दौरान महिलाएं भी बड़ी संख्या में मौजूद रहीं, जिन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के कारण गरीब और जरूरतमंद लोग सरकारी सुविधाओं से वंचित हो रहे हैं।