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Bihar News: हॉस्पिटल की बेड पर तड़पता रहा मरीज, इलाज करने के बजाए तमाशा देखता रहा सरकारी अस्पताल का डॉक्टर; होगा एक्शन?

Bihar News: बिहार के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की मनमानी का मामला कोई नया नहीं है. ये इतने बेखौफ हो गए हैं कि उन्हें न तो किसी अधिकारी का डर है और ना ही सरकार का खौफ.

Bihar News

18-Feb-2025 01:19 PM

By First Bihar

Bihar News: बिहार के शिवहर की स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाली के आंसू बहा रही है. जिला में स्वास्थ्य विभाग अधिकारी हो या डॉक्टर हो उन्हें वरीय पदाधिकारी या जिला पदाधिकारी का डर नहीं के बराबर है. यहां तक कि अस्पताल की बेड पर मरीज मरता है तो मरता रहे, इससे उनका कोई लेना देना नहीं है।


शिवहर सदर अस्पताल से एक ऐसा ही मामला सामने आया है. यहां के डॉक्टरों का मनोबल इतना बढ़ गया है कि इन्हें किसी का डर नहीं है. हम इलाज नहीं करेंगे, आपको जहाँ जाना है आप जा सकते हैं, यह कहना है सदर अस्पताल के डॉक्टर उमेश भारती का. सदर अस्पताल के डॉक्टर उमेश भारती अपनी जमीर बेचकर खा चुका है. हद तो तब कि वरीय अधिकारी भी अपना चैम्बर छोड़कर ऐश कर रहे हैं. बाहर क्या हो रहा है उन्हें कुछ पता नहीं होता है. 


दरअसल, सदर अस्पताल में मंगलवार को एक भयानक एक्सीडेंट का केस आया था. बुरी तरह से घायल मरीज तड़प रहा था लेकिन ओडी में मौजूद डॉक्टर इमरजेंसी देखने के बजाय आम मरीज को देखने व्यस्त रहा. कहने पर डॉक्टर साहब कहते हैं आपको जो करना है कीजिये मेरा मन, हम मरीज देखे या नहीं देखे. रही बात जब जिला में वरीय अधिकारियों का ख़ौफ़ रहेगा तब न डॉक्टर या अन्य कर्मी अपना काम सही से करेगा. वरीय अधिकारी भी करवाई के नाम पर स्पष्टीकरण का झुनझुना थमा देते है.


स्पष्टीकरण का जबाब देना उनके लिए दिनचर्या हो गई है. मरीज कराहता रहा लेकिन ये बेदर्दी डॉक्टर अपने चेम्बर से बाहर नही निकला. जब सदर अस्पताल में हल्ला हंगामा होता है तब डॉक्टर साहब चेम्बर से बाहर निकलते है और दोनों मरीज को रेफर कर अपना खानापूर्ति कर देते है. 


बता दें कि शहर के सिनेमा हॉल के पास स्कॉर्पियो और मोटरसाइकिल में जबरदस्त टक्कर हुई है. जहां दो युवक बुरी तरह से जख्मी हो गए. इलाज के लिए उन्हें सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है. जहां डॉक्टर का लापरवाही सामने आई है. इस घटना को लेकर जिले के लोगों में गहरा आक्रोश है. अब देखने वाली बात है कि आरोपी डॉक्टर के खिलाफ क्या एक्शन होता है.

रिपोर्ट- समीर कुमार झा, शिवहर