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18-Aug-2025 10:02 PM
By RITESH HUNNY
SAHARSA: सहरसा में डॉक्टर की लापरवाही से मरीज की मौत हो रही है। आज दो मरीज की मौत का मामला सामने आया है। सदर थाना क्षेत्र के पंचवटी चौक स्थित एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान एक 24 वर्षीय युवक की मौत हो गयी। मौत के बाद अस्पताल संचालक मौके से फरार हो गए। घटना से गुस्साए लोगों ने जमकर हंगामा मचाया और विरोध प्रदर्शन किया। वही दूसरी घटना सहरसा के गांधी पथ स्थित सूर्या क्लिनिक की है जहां ऑपरेशन के बाद महिला की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ। मृतका के परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते सूर्या क्लिनिक में विरोध प्रदर्शन किया और शव को दो घंटे तक परिसर में रखकर न्याय की मांग करते रहे।
मृतका के परिजन डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शव को क्लिनिक परिसर में करीब दो घंटे तक रखकर न्याय की मांग करते रहे। इस दौरान निजी अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बाद में सदर थाने की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आक्रोशित लोगों को शांत कराया।
मृतका की पहचान सहरसा नगर निगम के डीबी रोड निवासी दिलखुश कुमार की पत्नी 30 वर्षीय काजल कुमारी के रूप में हुई। मृतिका काजल चार बच्चों की मां थी। मृतका के पति दिलखुश कुमार ने बताया कि उनकी पत्नी का 20 जुलाई को निजी क्लिनिक में भर्ती कराया गया था, जहां 21 जुलाई को लेजर विधि से गॉल ब्लाडर का ऑपरेशन किया गया।
ऑपरेशन के बाद अस्पताल ने करीब दो लाख रुपये वसूले। परिजनों का आरोप है कि सर्जरी के दौरान नस कट जाने से गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई। डॉक्टर ने पहले अतिरिक्त ऑपरेशन कर नस जोड़ने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बावजूद परिजनों को आश्वासन दिया गया कि धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हो जाएगी। काजल को 19 दिन तक अस्पताल में रखने के बाद डॉक्टर ने अन्य अस्पतालों का नाम सुझाया।
परिजनों के अनुसार, पहले पटना के एक निजी अस्पताल भेजा गया, जहां अत्यधिक खर्च की बात कही गई। बाद में मगध अस्पताल का नाम बताया गया, लेकिन जांच करने पर पता चला कि वह कई वर्षों पहले ही बंद हो चुका है। अंततः परिजन काजल को पटना पीएमसीएच ले गए, जहां रविवार को उनकी मौत हो गई।
बीती रात ही शव सहरसा लाने के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने सोमवार को सूर्या क्लिनिक पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि डॉक्टर की लापरवाही और गलत दिशा-निर्देश के कारण काजल की जान गई। वहीं, सूर्या क्लिनिक के संचालक डॉक्टर विजय शंकर ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया और कहा कि ईलाज पूरी निष्ठा से किया गया था। उक्त मामले पर सदर थानाध्यक्ष सुबोध कुमार ने कहा कि लिखित आवेदन मिलने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।



