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दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग आ रहा बिहार, तमिलनाडु से 96 चक्कों की स्पेशल रथ पर कल होगा रवाना

तमिलनाडु के महाबलीपुरम से दुनिया का सबसे बड़ा 33 फीट ऊंचा और 210 टन वजनी शिवलिंग 96 चक्कों वाली स्पेशल गाड़ी से बिहार के विराट रामायण मंदिर के लिए रवाना होगा। इसे चकिया पहुंचाने में डेढ़ महीना लगेगा और रास्ते में जगह-जगह पूजा-अर्चना की जाएगी।

20-Nov-2025 06:03 PM

By First Bihar

EAST CHAMPARAN: विराट रामायण मंदिर का निर्माण बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के केसरिया और चकिया के बीच जानकीनगर में हो रहा है। जो आचार्य किशोर कुणाल का ड्रीम प्रोजेक्ट है। बिहार के इस सबसे बड़े मंदिर में दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग स्थापित किया जाएगा। जिसे तमिलनाडु के महाबलीपुरम से लाया जाएगा। 96 चक्कों की गाड़ी पर रखकर इस सबसे बड़े शिवलिंग को चकिया लाया जाएगा। 


21 नवंबर को तमिलनाडु के महाबलीपुरम से यह बिहार के लिए रवाना होगा। इसे लाने के लिए महावीर मंदिर के सुपरिटेंडेंट के.सुधाकरण और जनसंपर्क पदाधिकारी अजय कुमार सिंह महाबलीपुरम जा रहे हैं। महाबलीपुरम में पहले शिवलिंग की पूरे विधि-विधान से पूजा की जाएगी उसके बाद 5 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से इसे 96 चक्कों की स्पेशल गाड़ी पर लाया जाएगा। इसे बिहार लाने में करीब डेढ़ महीने का समय लग सकता है। इसका वजह बहुत ज्यादा है जिसे सही सलामत मंदिर तक लाने के लिए चकिया से कैथवलिया तक पुल और पुलिया का निर्माण कराया जा रहा है। 12 किलोमीटर तक सड़कों का निर्माण तेजी से हो रहा है। 


इस बात की जानकारी महावीर मंदिर न्यास के सदस्य सायण कुणाल ने दी है। उन्होंने बताया कि जिस शिवलिंग को महाबलीपुरम से लाया जा रहा है वह विश्व का सबसे बड़ा मोनोलिथ स्ट्रक्चर का शिवलिंग है। जिसकी ऊंचाई 33 फीट और गोलाई भी 33 फीट ही है। जिसका वजन भी ज्यादा है। वजन 210 मीट्रिक टन बताया जा रहा है। 96 चक्कों की विशेष रथ से इसे लाया जाएगा। साथ में रथ पर एक हजार छोटे शिवलिंग भी रहेगा। इसे सहस्रलिंगम के रूप में जाना जाता है। ब्लैक ग्रेनाइट पत्थर की चट्टान को तराशकर इस शिवलिंग का निर्माण किया गया है। चांदी के 15 फीट ऊंचे अरघा पर यह शिवलिंग स्थापित होगा।


सायण कुणाल ने बताया कि महाबलीपुरम से बिहार के लिए जब यह वोल्वो हाइड्रोलिक पुलर रथ रवाना होगी तब जगह-जगह पर इसे रोका जाएगा और पूजा-पाठ किया जाएगा। इस रथ का लोग स्वागत करेंगे। इस गाड़ी के साथ-साथ एक स्क्वाड भी मौजूद रहेगा।


बता दें कि विराट रामायण मंदिर का निर्माण महावीर मंदिर न्यास समिति की ओर से कराया जा रहा है। 20 जून 2023 को इस भव्य मंदिर का भूमि पूजन और शिलान्यास हुआ था। तब से इस मंदिर का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। मंदिर का प्रवेश द्वार, सिह द्वार, गणेश स्थल, नंदी, शिवलिंग, गर्भ गृह के पाइलिंग का काम पूरा हो चुका है। रामायण मंदिर की लंबाई 1080 फीट और चौड़ाई 540 फीट है। जिसमें कुल 22 मंदिर और 4 आश्रम होंगे। इसकी दूरी पटना से 120 किलोमीटर है। मंदिर का निर्माण 120 एकड़ में हो रहा है।