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01-Dec-2025 03:15 PM
By FIRST BIHAR
Bihar News: भारत-नेपाल बॉर्डर इलाके के जिलों से बीते छह माह के दौरान 100 से अधिक लड़कियां गायब हुई हैं। इस गंभीर मामले को लेकर अधिवक्ता एसके झा ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग में दो अलग-अलग याचिकाएं दायर की हैं। अधिवक्ता ने आशंका जताई है कि नेपाल, चीन, ब्राजील, सऊदी अरब समेत अन्य देशों में इन लड़कियों को बड़े पैमाने पर बेचा जा रहा है।
मोतिहारी से सटे भारत-नेपाल बॉर्डर वाले क्षेत्रों में ऐसी घटनाओं को अंजाम देने वाले अंतरराष्ट्रीय तस्कर गिरोह सक्रिय हैं। अधिवक्ता ने बताया कि जुलाई में रक्सौल से 10, रामगढ़वा से 3, आदापुर से 4, अगस्त में रक्सौल अनुमंडल के भेलाही, कौड़ीहार और अन्य स्थानों से 18, सितंबर में पूरे अनुमंडल के विभिन्न स्थानों से 17 (जिसमें एक विवाहिता भी शामिल), अक्टूबर में 15 और नवंबर में 15 लड़कियां गायब हुईं। कुल छह माह में 83 लड़कियां गायब होने की पुष्टि हुई है।
इन लड़कियों का इस्तेमाल नशा कारोबारियों द्वारा नशीले पदार्थ की तस्करी में भी किया जा रहा है। इसके अलावा, भारत के जम्मू-कश्मीर, पांडिचेरी, चीन, सऊदी अरब, दुबई, अर्जेंटीना और अन्य देशों में लड़कियों को शादी कराकर, बच्चा पैदा कराने, देह व्यापार, बॉडी पार्ट्स की खरीद-फरोख्त जैसी गतिविधियों के लिए विदेश भेजा जाता है।
बीते छह माह में सीमा क्षेत्र से गायब हुई लड़कियों में से महज एक दर्जन को रेस्क्यू किया गया। रेस्क्यू की गई लड़कियों में चार लड़कियां एक ही परिवार की थीं। शेष लड़कियां अब भी लापता हैं। इन घटनाओं से बॉर्डर क्षेत्र के परिजनों में डर और खौफ का माहौल व्याप्त है। यह मामला पुलिस और प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल खड़ा कर रहा है। अधिवक्ता ने उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए आयोग से हस्तक्षेप की अपील की है।