Nitish Kumar : समृद्धि यात्रा के तीसरे चरण में इस जिले में पहुंचेंगे CM नीतीश कुमार, 570 करोड़ की 213 योजनाओं की देंगे सौगात Rajyasabha Election: किंगमेकर ओवैसी ने नहीं खोले पत्ते, RJD उम्मीदवार पर खतरा Bihar Politics : ओवैसी की ‘वेट एंड वॉच’ रणनीति, पांचवीं सीट पर बढ़ा सस्पेंस; दिल्ली में तैयार रणनीति से बढ़ सकती है तेजस्वी की टेंशन Bihar Politics: निशांत के लिए बदल दी नीति! 2009 उपचुनाव में JDU नेता, मंत्री और विधायक-सांसदों के लिए बने नियम की अचानक क्यों होने लगी चर्चा? जानिए नीतीश कुमार ने क्या कहा था Patna Metro : पटना मेट्रो को मिली बड़ी राहत, राजेंद्र नगर टर्मिनल के नीचे टनल बनाने की मिली मंजूरी; इस दिन से शुरू होगा काम बिहार मौसम अपडेट: 34.3°C पहुंचा तापमान, 12 जिलों में बारिश की संभावना, अररिया और किशनगंज में येलो अलर्ट बिहार के बदलते-बदलते खुद बदल गये नीतीश कुमार, तेज प्रताप यादव का बड़ा बयान खुले में मीट बेचने वालों पर नगर निगम ने कसा शिकंजा, अब बिना लाइसेंस के नहीं खुलेंगी दुकानें पेशी के दौरान हाजीपुर कोर्ट से भागने की कोशिश, अपहरण के आरोपी को पुलिस ने दोबारा पकड़ा नीतीश को डिजिटल अरेस्ट किया गया: कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने बीजेपी पर बोला हमला, कहा..अब चंद्रबाबू नायडू की बारी
01-Oct-2025 12:47 PM
By Viveka Nand
Bihar News: मोतिहारी के सरकारी स्कूलों में कागज पर काम कराकर 4-5 करोड़ की अवैध निकासी में ठेकेदार से अधिक जेई-डीएमटी और डीपीओ जिम्मेदार हैं. मोटा कमीशन लेकर इनलोगों ने सरकारी खजाना लुटवा दिया. इन सरकारी सेवकों ने जमकर माल बनाया. अवैध तरीके से कमाये गए धन को अब ये सरकारी सेवक राजधानी में संपत्ति अर्जित कर रहे. बताया जाता है कि मोतिहारी के सरकारी स्कूलों में मरम्मति के नाम पर जो करोड़ों का खेल हुआ है, उसमें एक जेई और डीएमटी मास्टरमाइंड है. जेई ने ही जिला से लेकर पटना तक मैनेज किया है. बदले में मोटा कमीशन खाया .
कागज पर काम करा जेई ने मोटा माल कमाया, पत्नी के नाम पर पटना में खरीदी संपत्ति
जानकारी के अनुसार, मोतिहारी के सर्व शिक्षा अभियान कार्यालय के जूनियर इंजीनियरों ने बड़ा खेल किया है. कागज पर ही स्कूलों की मरम्मति करा दिया. चवन्नी का काम नहीं कराया और करोड़ों का फर्जी बिल बनवाकर पास कराया और राशि की निकासी करा दी. बताया जाता है कि इस खेल में मोतिहारी का एक जेई ने कमाल का खेल किया है. खबर है कि जितने भी अवैध काम हुए, उसमें उसकी भूमिका संदिग्ध है. उसने ही पूरी प्लानिंग कर कागज पर काम कराया और राशि की निकासी करा दी. भले ही वो उक्त प्रखंड में पदस्थापित नहीं हो, लेकिन उसके देखरेख में ही खजाने की लुट हुई है. बताया जाता है कि 4-5 करोड़ की जो अवैध निकासी हुई, उसमें इस जूनियर इंजीनियर ने मोटा कमाई किया है. बताया जाता है कि उक्त जेई ने हाल की कमाई से राजधानी पटना में पत्नी के नाम पर करोड़ों की जमीन की रजिस्ट्री कराई है. बताया जाता है कि सितंबर 2025 में ही उक्त जेई ने पत्नी के नाम पर जमीन खरीदा है. खेल का मास्टर माइंड ( अ###कु$#रं$$ ) नाम का जेई है. विभागीय अधिकारी बताते हैं कि मोतिहारी में जितना भी खेल हुआ है ,उसमें पर्दे के पीछे से मुख्य भूमिका में उक्त जेई है. इसी ने डीएमटी से लेकर अन्य सरकारी सेवकों को सेट किया.
पूर्वी चंपारण के डीईओ दफ्तर में घोटाला राज
सरकारी अधिकारियों के मन से शासन का भय खत्म हो गया है. तभी तो खुलेआम सरकारी राशि की लूट,खुलासे के बाद भी चेहरे पर फर्क नहीं. पूरा सिस्टम ही भ्रष्टाचार में आकंठ डूबा हुआ है. तभी तो जिम्मेदार अधिकारी कहते हैं,बिहार में 38 जिले हैं और नजर सिर्फ मेरे ही यहां है ? यह बयान उक्त अधिकारी के हैं,जिसके यहां भ्रष्टाचार फल फुल रहा है. मोतिहारी के तुरकौलिया व अन्य ब्लॉक के सरकारी स्कूलों में कागज पर मरम्मति कराकर 4-5 करोड़ की अवैध निकासी कर ली गई . खुलासा हुआ तो आनन-फानन में मरम्मति का दिखावा किया जा रहा. जब जिम्मेदार अधिकारी से सवाल पूछा जा रहा तो मामले को दबाने की कोशिश, व सवाल से बचने में जुटे हैं.
जेई-डीएमटी ने खजाना लुटवाया, पूछने पर कहते हैं...
BSEIDC के उप प्रबंधक तकनीकी पूर्वी चंपारण (DMT) मुकुंद प्रसाद से जब कागज पर काम कराकर 4-5 करोड़ रू की निकासी की बाबत पूछा गया तो उन्होंने कहा कि आपको सिर्फ पूर्वी चंपारण जिला दिखता है ? सरकारी स्कूलों में बिना मरम्मति के ही पैसा निकासी की बात पूछा गया तो उन्होंने कहा कि हेडमास्टर सब झूठ बोल रहा है. अगले सवाल पर कहा कि मामले की जांच करा रहे हैं. यानि खुद के जवाब में ही डीएमटी मुकुंद प्रसाद फंसते नजर आए. इसके बाद डीएमटी अगले सवाल का जवाब देने की हिम्मत नहीं जुटा पाए. फोन काटकर बंद कर दिया. कुछ देर के बाद मोबाइल ऑन तो किया, लेकिन फोन रिसीव करना मुनासिब नहीं समझा.