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18-Sep-2020 03:00 PM
DELHI : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वेतन में 30 प्रतिशत की कटौती की जाएगी. पीएम मोदी के साथ-साथ मंत्रियों और सांसदों के तनख्वाह में भी एक साल तक कटौती की जाएगी. हालांकि सरकार से सांसद निधि के निलंबन पर पुनर्विचार करने की बात कही गई है.
राज्यसभा ने मंत्रियों के वेतन और भत्तों से संबंधित संशोधन विधेयक और सांसदों के वेतन, भत्ते में एक साल के लिये 30 प्रतिशत की कटौती करने के प्रावधान वाले विधेयकों को मंजूरी दे दी है. राज्यसभा में इन विधेयकों पर हुई चर्चा में भाग लेते हुए अधिकतर विपक्षी सदस्यों ने कहा कि सांसदों के वेतन में कटौती से उन्हें कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन सरकार को सांसद निधि के निलंबन पर पुनर्विचार करना चाहिए.
पीएम और सांसदों के वेतन से काटी गई राशि को कोरोना महामारी से उबरने के लिए उपयोग में लाया जायेगा. इसके माध्यम से सांसदों के वेतन में 30% की कटौती के लिए संसद सदस्यों के वेतन, भत्ते और पेंशन अधिनियम, 1954 और मंत्रियों के सत्कार भत्ते में कटौती के लिए मंत्रियों का वेतन और भत्ते अधिनियम, 1952 में संशोधन किया गया है.
सांसद क्षेत्र विकास निधि के बारे में सदस्यों के सवालों के जवाब में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सांसद निधि को अस्थायी रूप से दो वर्षो के लिये निलंबित किया गया है. उन्होंने कहा कि लोगों की मदद के लिये कुछ कड़े फैसले लेने की जरूरत थी. यह अस्थायी है. वहीं राजयसभा में चर्चा के दौरान कांग्रेस के गुलाम नबी आजाद ने कहा कि सांसद निधि हमारा पैसा नहीं है, यह गरीबों का पैसा है. इसलिए एमपीलैड को बंद नहीं करना चाहिए.