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22-Jan-2026 08:34 PM
By FIRST BIHAR
PM Awas Yojana Gramin: बिहार के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले गरीब और बेघर परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) किसी वरदान से कम नहीं साबित हो रही है। पिछले दस वर्षों में इस योजना के तहत राज्य के लगभग 40 लाख गरीब परिवारों का पक्का घर का सपना साकार हुआ है। वहीं, राज्य सरकार ने आने वाले समय में शेष 12 लाख बेघर परिवारों को भी आवास उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2016-17 से 2021-22 के बीच सबसे अधिक 36 लाख 61 हजार गरीब परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराए गए। इसके बाद 2021-22 से 2025-26 की अवधि में 2 लाख 88 हजार 743 परिवारों को घर दिया गया। इस तरह 2016-17 से अब तक कुल 39 लाख 49 हजार 743 परिवारों को पक्का आवास मिल चुका है। इन मकानों के निर्माण पर सरकार ने लगभग 53 हजार 952 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के पहले चरण में वर्ष 2016-17 से 2021-22 के बीच 37 लाख से अधिक परिवारों को घर बनाने की स्वीकृति दी गई थी, जिनमें से करीब 36 लाख 61 हजार परिवारों ने अपना घर पूरा कर लिया। दूसरे चरण में 2024-25 से 2025-26 के बीच 12 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 12 लाख 8 हजार से ज्यादा परिवारों को स्वीकृति दी गई। इस चरण में अब तक लगभग 2 लाख 88 हजार परिवारों का आवास निर्माण पूरा हो चुका है।
ग्रामीण क्षेत्रों में घर निर्माण के लिए सरकार प्रति लाभार्थी 1 लाख 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता तीन किस्तों में प्रदान करती है। इसके अतिरिक्त मनरेगा के तहत 90 दिनों की मजदूरी के रूप में लगभग 22 हजार 950 रुपये और शौचालय निर्माण के लिए 12 हजार रुपये भी दिए जाते हैं। इस तरह एक लाभार्थी को कुल मिलाकर लगभग 1 लाख 54 हजार 950 रुपये की सहायता मिलती है।
ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना से गरीब परिवारों की जिंदगी में तेजी से बदलाव आया है। पक्का मकान मिलने से न केवल लोगों का जीवन सुरक्षित हुआ है, बल्कि उनका सामाजिक सम्मान भी बढ़ा है। उन्होंने बताया कि सरकार शेष बचे लगभग 12 लाख बेघर परिवारों को भी जल्द पक्का घर देने के लिए गांवों में सर्वे करा रही है और इस दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।