1st Bihar Published by: First Bihar Updated Apr 02, 2026, 8:52:40 PM
15 KM तक लगा भीषण जाम - फ़ोटो रिपोर्टर
GOPALGANJ: गोपालगंज जिले के बलथरी चेकपोस्ट पर भ्रष्टाचार के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। प्रवर्तन अवर निरीक्षक हेमंत कुमार प्रसाद की गिरफ्तारी के विरोध में परिवहन विभाग के कर्मियों ने कामकाज ठप कर दिया, जिससे एनएच-27 पर करीब 15 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। इस जाम के कारण ट्रक चालकों, निजी वाहन चालकों और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
गोपालगंज जिले के बलथरी चेकपोस्ट पर भ्रष्टाचार के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई के बाद एनएच-27 पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। प्रवर्तन अवर निरीक्षक हेमंत कुमार की गिरफ्तारी के बाद परिवहन विभाग के कर्मियों ने कामकाज ठप कर दिया है, जिसके चलते करीब 15 किलोमीटर लंबा जाम लग गया है। इस जाम का खामियाजा ट्रक चालकों, निजी वाहनों के यात्रियों और आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। सड़क पर लंबी कतार में खड़े वाहनों के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और कई जरूरी सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं।
दरअसल, यह पूरा मामला उस वक्त सामने आया जब पंजाब के एक ट्रक चालक हरप्रीत सिंह ने बलथरी चेकपोस्ट पर तैनात कर्मियों पर अवैध वसूली का आरोप लगाया। चालक का कहना था कि मैकेनिकल जांच के नाम पर उससे ₹400 की मांग की गई और पैसे नहीं देने पर उसे धमकी भी दी गई। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए गोपालगंज के एसपी विनय तिवारी ने तुरंत कार्रवाई की और खुद मौके पर पहुंचकर औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान आरोप सही पाए जाने पर प्रवर्तन अवर निरीक्षक हेमंत कुमार प्रसाद को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया और उन्हें मुजफ्फरपुर के निगरानी कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि बलथरी चेकपोस्ट पर लंबे समय से संगठित तरीके से अवैध वसूली का नेटवर्क चल रहा था। इस मामले में पहले ही फरवरी महीने में कुचायकोट थाना में करीब 50 नामजद और 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसमें अब तक चार लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि कुछ असामाजिक तत्वों ने चेकपोस्ट को अवैध रूप से कब्जे में लेकर इसे वसूली का अड्डा बना लिया था, और इसमें कुछ परिवहन विभाग के कर्मियों की भी संलिप्तता पाई गई है। इस पूरे मामले की जांच सदर एसडीपीओ प्रांजल के नेतृत्व में की गई, जिसमें पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद आरोपी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की गई।
पुलिस का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और इस अवैध वसूली के पूरे नेटवर्क को खत्म किया जाएगा। वहीं, इस कार्रवाई के बाद परिवहन विभाग के कर्मियों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। कर्मियों द्वारा कामकाज बंद किए जाने के कारण चेकपोस्ट पर वाहन जांच पूरी तरह ठप हो गई है, जिससे एनएच-27 पर भीषण जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई है। पुलिस और परिवहन विभाग के बीच बढ़ते तनाव का सीधा असर आम लोगों पर पड़ रहा है। इस मामले पर गोपालगंज के डीएम पवन कुमार सिन्हा ने कहा है कि उन्हें अभी तक एसपी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिवेदन प्राप्त नहीं हुआ है, हालांकि जाम की स्थिति को लेकर उन्होंने एसपी से बातचीत की है और जल्द समाधान का आश्वासन मिला है।
वहीं एसपी विनय तिवारी ने स्पष्ट किया है कि चेकपोस्ट पर वर्दी की आड़ में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इस तरह की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी। फिलहाल, प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती जाम की समस्या को खत्म करना और स्थिति को सामान्य बनाना है, जबकि दूसरी ओर भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी इस अभियान से आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
गोपालगंज से नमो नारायण मिश्रा की रिपोर्ट