1st Bihar Published by: First Bihar Updated Apr 02, 2026, 7:05:53 PM
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Bihar News: बिहार में लागू शराबबंदी कानून के बावजूद एक बार फिर उसकी सख्ती पर सवाल खड़े हो गए हैं। मुख्यमंत्री के गृह जिले नालंदा से सामने आई यह घटना न सिर्फ चौंकाने वाली है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था और प्रशासन दोनों पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
मामला बिहारशरीफ प्रखंड के डुमरामा उत्क्रमित मध्य विद्यालय का है, जहां कुछ युवकों ने स्कूल परिसर को ही शराब पीने की जगह बना दिया। हैरानी की बात यह है कि यह सब खुलेआम हुआ और इसका वीडियो भी सामने आया है, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है।
बताया जा रहा है कि यह घटना महावीर जयंती के दिन की है। जिस दिन लोग धार्मिक आस्था और श्रद्धा में डूबे थे, उसी दिन इस स्कूल के बरामदे में चार से पांच युवक बैठकर शराब पीते और सिगरेट के कश लगाते नजर आए। वीडियो में साफ दिख रहा है कि उनके पास शराब की बोतलें और सिगरेट के पैकेट खुलेआम रखे हुए हैं।
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि इस महफिल में स्कूल शिक्षा समिति की सचिव के पति अजीत कुमार के भी शामिल होने की बात कही जा रही है। अगर यह बात सही साबित होती है, तो यह और भी गंभीर मामला बन जाता है, क्योंकि जिन लोगों पर स्कूल व्यवस्था को बेहतर बनाने की जिम्मेदारी होती है, वही इस तरह की हरकतों में शामिल पाए जा रहे हैं।
जिस जगह बच्चों को पढ़ाई के लिए सुरक्षित माहौल मिलना चाहिए, वहां इस तरह की गतिविधियां होना समाज के लिए चिंता का विषय है। इससे न सिर्फ स्कूल की छवि खराब होती है, बल्कि बच्चों और अभिभावकों के मन में भी डर और असंतोष पैदा होता है।
इस मामले पर स्कूल के प्रधानाध्यापक ब्रज बिहारी ने अपनी बेबसी जाहिर की है। उनका कहना है कि स्कूल की बाउंड्री वॉल नहीं होने के कारण स्कूल बंद होने के बाद असामाजिक तत्व वहां जमा हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि बाउंड्री वॉल निर्माण के लिए पहले भी आवेदन दिया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
प्रधानाध्यापक का कहना है कि अगर स्कूल की घेराबंदी होती, तो शायद इस तरह की घटना को रोका जा सकता था। फिलहाल, इस घटना के सामने आने के बाद स्कूल की छवि को नुकसान पहुंचा है।
वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस भी सक्रिय हो गई है। सदर डीएसपी-1 नुरुल हक ने बताया कि वायरल वीडियो उनके संज्ञान में आया है और उसमें दिख रहे लोगों की पहचान की जा रही है। उन्होंने साफ कहा कि जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ शराबबंदी कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि आखिर जमीन पर शराबबंदी कानून कितना प्रभावी है। जब सरकारी स्कूल जैसे संवेदनशील स्थान भी सुरक्षित नहीं रह पा रहे हैं, तो आम जगहों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।