police action : राजधानी पटना के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र अशोक राजपथ पर 25 दिसंबर को जैक्सन हॉस्टल के छात्रों ने जमकर उत्पात मचाया। छात्रों का झुंड सरस्वती पूजा के चंदा के लिए दुकानदारों के पास गया और मनमाना चंदा नहीं देने पर 10 से अधिक दुकानों में तोड़फोड़ और मारपीट की। पुलिस ने पीड़ित दुकानदारों की शिकायत पर पीरबहोर थाने में केस दर्ज कर आरोपितों की पहचान सीसीटीवी फुटेज और वीडियो के आधार पर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
घटना की जानकारी के अनुसार, दोपहर बाद लगभग 150 से अधिक छात्रों का झुंड अशोक राजपथ पर आया। सबसे पहले उन्होंने एक बिरयानी दुकान को निशाना बनाया। सभी छात्र लाठी-डंडे और अन्य हथियारों से लैस थे। उस समय दुकान के मालिक वहां मौजूद नहीं थे। कर्मियों ने छात्रों की बात मालिक से फोन पर कराई। छात्रों ने मोटा चंदा देने की मांग की, जिसका दुकानदारों ने विरोध किया। इससे नाराज होकर छात्रों ने दुकान के काउंटर, फर्नीचर, शीशे और बेसिन आदि तोड़ दिए।
जैक्सन हॉस्टल के छात्रों ने केवल इसी दुकान पर नहीं बल्कि आसपास की करीब 10 अन्य दुकानों में भी तोड़फोड़ की। दुकानदारों ने बताया कि छात्र दो से पांच हजार रुपये तक का चंदा जबरन मांग रहे थे। मांग पूरी न होने पर छात्रों ने दुकानदारों और कर्मचारियों के साथ मारपीट की। कई दुकानदारों ने बताया कि छात्र नकद पैसे और दुकान का सामान भी लूटकर ले गए।
पीड़ित दुकानदारों की शिकायत पर मौके पर पहुंची पीरबहोर पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। हालांकि, छात्रों ने पुलिस की मौजूदगी के बावजूद उत्पात जारी रखा। थानेदार सज्जाद गद्दी ने बताया कि पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल वीडियो के माध्यम से आरोपितों की पहचान कर रही है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ऐसे बड़े पैमाने पर हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाओं को गंभीरता से लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आरोपितों के खिलाफ जल्द ही कड़ी कार्रवाई की जाएगी और पीड़ित दुकानदारों को न्याय दिलाया जाएगा।
दुकानदारों ने कहा कि यह घटनाक्रम उनके लिए भयावह रहा। उन्होंने बताया कि छात्रों का व्यवहार पूरी तरह असंवैधानिक और हिंसक था। कई दुकानों के काउंटर, फर्नीचर और शोरूम का सामान बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। इससे व्यापार और आमदनी पर भी बड़ा असर पड़ा है।
स्थानीय लोग भी इस घटना से चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों द्वारा इस तरह की हिंसा और लूटपाट से इलाके की सुरक्षा पर सवाल उठता है। अशोक राजपथ जैसे व्यावसायिक और व्यस्त क्षेत्र में इस तरह का हंगामा आम जनता और दुकानदारों के लिए खतरे का संकेत है।
थानेदार सज्जाद गद्दी ने आश्वासन दिया कि पुलिस आरोपितों की पहचान कर उन्हें कानून के कठोर प्रावधानों के तहत कार्रवाई करेगी। उन्होंने जनता से अपील की कि ऐसी घटनाओं की जानकारी तुरंत पुलिस को दें और वीडियो या अन्य सबूत उपलब्ध कराएं।
इस घटना के बाद पटना में छात्रों और हॉस्टल के वातावरण पर भी चर्चा शुरू हो गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि छात्र संगठन या हॉस्टल प्रशासन को ऐसी गतिविधियों पर निगरानी रखनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई भी छात्र कानून और समाज के नियमों का उल्लंघन न करे। इस तरह के मामलों में समय रहते कार्रवाई न होने पर हिंसा और उत्पात बढ़ सकता है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी आरोपितों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है और जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
पटना के अशोक राजपथ पर हुई इस घटना ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि युवा शक्ति का सही मार्गदर्शन और निगरानी बेहद जरूरी है। दुकानदारों और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार और पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है।