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MPs Salary: राज्यसभा सांसदों को मिलती है कितनी सैलरी? जानिए सुविधाएं और उनके अधिकार

क्या आप जानते हैं कि राज्यसभा सांसदों की सैलरी, भत्ते और सुविधाएं अब कितनी बढ़ गई हैं? मार्च 2025 में 24% वृद्धि के बाद सांसदों को लाखों रुपये का मासिक वेतन, भत्ते, पेंशन और विशेष अधिकार मिलते हैं।

MPs Salary: राज्यसभा सांसदों को मिलती है कितनी सैलरी? जानिए सुविधाएं और उनके अधिकार
Tejpratap
Tejpratap
4 मिनट

Rajya Sabha MPs Salary, Allowance and Rights: भारत में अक्सर लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि राज्यसभा सांसदों को कितनी सैलरी मिलती है और उन्हें कौन-कौन सी सुविधाएं दी जाती हैं। मार्च 2025 में केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद सांसदों की सैलरी में करीब 24% की बढ़ोतरी की गई है। यह बढ़ी हुई सैलरी 1 अप्रैल 2023 से लागू मानी गई, जिसके कारण सांसदों को 31 मार्च तक लगभग 5.76 लाख रुपये का एरियर भी मिला।


राज्यसभा की कुल सदस्य संख्या

राज्यसभा में कुल 245 सदस्य होते हैं। इनमें से 233 सदस्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं द्वारा चुने जाते हैं, जबकि 12 सदस्यों को राष्ट्रपति द्वारा नामित किया जाता है।


राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल

लोकसभा के विपरीत राज्यसभा भंग नहीं होती। राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल 6 साल का होता है और हर दो साल में लगभग एक-तिहाई सदस्य रिटायर होते हैं। इसी कारण इसे स्थायी सदन भी कहा जाता है।


मासिक वेतन

सैलरी बढ़ोतरी के बाद राज्यसभा सांसदों को हर महीने लगभग 1.24 लाख रुपये वेतन मिलता है। इससे पहले 2018 में संशोधन के बाद सांसदों की बेसिक सैलरी 1 लाख रुपये प्रति महीना तय की गई थी। अब यह बढ़ोतरी “संसद सदस्यों के वेतन, भत्ते और पेंशन (संशोधन) अधिनियम, 2025” के तहत लागू हुई है।


दैनिक भत्ता

सांसदों को संसद सत्र या समिति की बैठकों में शामिल होने पर दैनिक भत्ता भी दिया जाता है। यह भत्ता अब बढ़कर 2,500 रुपये प्रतिदिन हो गया है। यह भत्ता सत्र शुरू होने से तीन दिन पहले और समाप्त होने के तीन दिन बाद तक दिया जाता है, लेकिन इसके लिए उपस्थिति रजिस्टर में हस्ताक्षर करना जरूरी होता है।


निर्वाचन क्षेत्र भत्ता

राज्यसभा सांसदों को अपने क्षेत्र से जुड़े कामों के लिए हर महीने लगभग 87,000 रुपये का निर्वाचन क्षेत्र भत्ता मिलता है।


कार्यालय खर्च भत्ता

अपने कार्यालय के संचालन और कर्मचारियों के खर्च के लिए सांसदों को हर महीने करीब 70,000 रुपये का कार्यालय व्यय भत्ता मिलता है। इसके अलावा अलग से ऑफिस अलाउंस भी दिया जाता है।


पेंशन

पूर्व सांसदों को मिलने वाली पेंशन भी बढ़ाई गई है। अब उन्हें लगभग 31,000 रुपये प्रति महीना पेंशन मिलती है। अगर किसी सांसद ने पांच साल से अधिक समय तक सेवा की है, तो हर अतिरिक्त साल के लिए 2,500 रुपये अतिरिक्त पेंशन भी दी जाती है।


यात्रा सुविधाएं

सांसदों को यात्रा के लिए कई सुविधाएं मिलती हैं। वे अपने और अपने परिवार के लिए हर साल 34 घरेलू हवाई यात्राएं मुफ्त कर सकते हैं। इसके अलावा वे फर्स्ट-क्लास ट्रेन यात्रा भी कर सकते हैं और सड़क यात्रा के लिए माइलेज भत्ता भी ले सकते हैं।


अन्य सुविधाएं

सांसदों को टेलीफोन और इंटरनेट की सुविधा के लिए विशेष भत्ता दिया जाता है। उन्हें हर साल लगभग 1.5 लाख मुफ्त कॉल की सुविधा और ब्रॉडबैंड के लिए भी भत्ता मिलता है।


नई दिल्ली में रहने के लिए उन्हें सरकारी आवास भी उपलब्ध कराया जाता है। उनकी वरिष्ठता के आधार पर हॉस्टल, फ्लैट या बंगला दिया जा सकता है। इसके साथ ही उन्हें सालाना 50,000 यूनिट तक मुफ्त बिजली और 4,000 किलोलीटर पानी की सुविधा भी मिलती है।


मेडिकल सुविधाएं भी सांसदों को केंद्र सरकार की स्वास्थ्य योजना (CGHS) के तहत दी जाती हैं।


राज्यसभा सांसदों के विशेष अधिकार

लोकसभा सांसदों की तरह राज्यसभा सांसदों को भी कई विधायी और संवैधानिक अधिकार प्राप्त हैं। लेकिन राज्यसभा को दो विशेष शक्तियां भी दी गई हैं

संविधान के अनुच्छेद 249 के तहत राज्यसभा दो-तिहाई बहुमत से राज्य सूची के किसी विषय को राष्ट्रीय महत्व का विषय घोषित कर सकती है। इसके बाद संसद उस विषय पर कानून बना सकती है।

संविधान के अनुच्छेद 312 के अनुसार राज्यसभा ही दो-तिहाई बहुमत से प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को नई अखिल भारतीय सेवाएं बनाने की अनुमति दे सकती है।