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19-Jan-2026 08:05 AM
By First Bihar
जहानाबाद की रहने वाली नीट की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में जांच तेज हो गई है। इस प्रकरण की तह तक जाने के लिए गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) रविवार को पटना के राजेंद्रनगर रोड नंबर–1 स्थित प्रभात मेमोरियल हीरामती हॉस्पिटल पहुंची। यहां टीम ने छात्रा के अस्पताल में भर्ती होने से लेकर डिस्चार्ज तक से जुड़े सभी चिकित्सीय दस्तावेजों की बारीकी से जांच की और उन्हें जब्त कर लिया। इसके साथ ही इलाज के दौरान अपनाए गए मेडिकल प्रोटोकॉल की भी जांच की जा रही है, जिसे विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय से परखा जाएगा।
एसआईटी ने अस्पताल के डॉक्टरों और स्टाफ से करीब डेढ़ घंटे तक पूछताछ की। पूछताछ में डॉक्टरों ने बताया कि छह जनवरी को छात्रा को बेहोशी की हालत में अस्पताल लाया गया था। उसकी स्थिति गंभीर थी, जिसके कारण उसे तत्काल वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया। अस्पताल प्रशासन का दावा है कि इलाज के दौरान सभी आवश्यक मेडिकल प्रोटोकॉल का पालन किया गया। परिजनों को आईसीयू में जाने की अनुमति दी गई थी और उनकी सहमति व इच्छा के अनुसार ही छात्रा को बाद में दूसरे अस्पताल में रेफर किया गया।
मामले की जांच में फोरेंसिक टीम भी सक्रिय है। टीम ने शंभू गर्ल्स हॉस्टल स्थित छात्रा के कमरे की बारीकी से जांच की और वहां से कई अहम नमूने एकत्र किए। छात्रा के कपड़ों को भी जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा जाएगा, ताकि किसी तरह की जबरदस्ती या अन्य संदिग्ध पहलुओं की पुष्टि हो सके। एसआईटी मृतका के परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की भी गहनता से छानबीन कर रही है।
जांच में एक अहम बिंदु मोबाइल लोकेशन को लेकर सामने आया है। पुलिस के अनुसार, पांच जनवरी को छात्रा ट्रेन से जहानाबाद से पटना आई थी। जहानाबाद रेलवे स्टेशन पर उसे उसके पिता छोड़ने आए थे। छात्रा के मोबाइल की लोकेशन उसी दिन जहानाबाद से पटना की ओर मूव करती हुई पाई गई है। इसी दिन शंभू गर्ल्स हॉस्टल के मालिक और इस मामले में गिरफ्तार आरोपी मनीष रंजन का मोबाइल लोकेशन भी जहानाबाद से पटना की ओर आने का मिला है। इस संयोग ने जांच एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।
एसआईटी अब इस बात की जांच कर रही है कि मनीष रंजन का उसी दिन जहानाबाद से पटना आना महज संयोग था या इसके पीछे कोई साजिश छिपी है। मनीष रंजन मूल रूप से जहानाबाद जिले का ही निवासी है, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। पुलिस का कहना है कि आरोपी से गहन पूछताछ के लिए उसे जल्द ही रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि इस पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा सकें।
इससे पहले छात्रा का प्रारंभिक उपचार राजेंद्रनगर स्थित सहज अस्पताल में कराया गया था। एसआईटी की टीम रविवार को वहां भी पहुंची और संबंधित डॉक्टरों से पूछताछ की। सहज अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि छह जनवरी की दोपहर छात्रा को बेहोशी की अवस्था में अस्पताल लाया गया था। उस समय उसकी हालत चिंताजनक थी, लेकिन अस्पताल में आईसीयू की सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण उसे तुरंत किसी बड़े अस्पताल में ले जाने की सलाह दी गई। डॉक्टरों के अनुसार, छात्रा को प्राथमिक उपचार और आवश्यक दवाइयां देने के बाद रेफर कर दिया गया था।
फिलहाल एसआईटी सभी मेडिकल रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्य, मोबाइल लोकेशन और गवाहों के बयान के आधार पर मामले की कड़ी-दर-कड़ी जांच कर रही है। पुलिस का दावा है कि जांच निष्पक्ष और वैज्ञानिक तरीके से की जा रही है, ताकि छात्रा की मौत के पीछे की सच्चाई सामने लाई जा सके। इस मामले ने राज्यभर में आक्रोश और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है, वहीं परिजन दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं।