Bihar education News: बिहार के सरकारी स्कूल में बच्चों को न सिर्फ बेहतर पढ़ाई की सुविधा दी जाती है बल्कि उनके पोषण का भी ख़ास ख्याल रखा जाता है। इसको लेकर सरकार के तरफ से मिड डे मिल योजना चलाया जा रहा है। इस योजना के तहत बच्चों को सरकारी स्कूल में ही दोपहर का भोजन उपलब्ध करवाया जाता है। अब इसी को लेकर एक नया मामला सामने आया है। जिसमें इस योजना से जुड़े घोटाले का जिक्र किया गया है।
दरअसल, बिहार में फिर मिड डे मील में गड़बड़ी पाई गई। इस बार बिहटा के कई स्कूलों में बच्चों तक ना तो नियमित सब्जी पहुंच पा रही और ना ही अंडे। इसके बाद जब इस मामले की जानकारी मिली तो बीईओ ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को रिपोर्ट सौंपा है। इसके बाद प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) नभेश कुमार द्वारा कन्या विद्यालय अमहारा, मध्य विद्यालय मौदही समेत कई स्कूलों की जांच में घोर लापरवाही पाया गया। बीईओ ने इसकी डिटेल से रिपोर्ट जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) पटना को सौंपी है।
इसके बाद जांच में पाया गया कि क्लास 1 से 8 तक नामांकित 298 बच्चों में से केवल 106 की उपस्थिति दर्ज थी। वहीं, मिड-डे मील के तहत बच्चों को न तो नियमित रूप से हरी सब्जी दी गई और न ही अंडे दिए जा रहे हैं। कई स्कूलों में तो महीनों से अंडा बच्चों तक नहीं पहुंचा। स्टॉक रजिस्टर, वितरण रजिस्टर और भोजन लिस्ट में भी भारी गड़बड़ियां चिन्हित की गईं।
बताया जा रहा है कि कुछ दिनों पहले ही स्कूलों में मिड डे मील में गड़बड़ी रहने पर शिकायत को लेकर निर्देश जारी किया गया था। इसके बाद शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ ने स्पष्ट कहा था कि मिड डे मील में अनियमितता की शिकायतों को अब हल्के में नहीं लिया जाएगा। अब सिर्फ प्रधानाध्यापक ही नहीं, बल्कि जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक और साधनसेवी जैसे पदाधिकारी भी दोषी माने जाएंगे। किसी भी स्तर पर मिली चूक पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।