JP Ganga Path Patna : बिहार की राजधानी पटना में जेपी गंगा पथ पर हाल के महीनों में लगाई गई प्री-फैब्रिकेटेड दुकानों को हटाने का निर्णय लिया गया है। अब इस इलाके में नई डिजाइन की दुकानें स्थापित की जाएंगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के हालिया निरीक्षण के बाद मिले निर्देशों के आलोक में पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने दुकानों की डिजाइन में बदलाव का फैसला लिया है। इसके चलते दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया में भी देरी होना तय माना जा रहा है।
दरअसल, जेपी गंगा पथ का इलाका बीते कुछ वर्षों में पटना वासियों के लिए सैर-सपाटे और मनोरंजन का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। सुबह-शाम बड़ी संख्या में लोग यहां टहलने, व्यायाम करने और गंगा किनारे समय बिताने पहुंचते हैं। इसी को देखते हुए पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने इस क्षेत्र को व्यवस्थित वेंडिंग जोन के रूप में विकसित करने की योजना बनाई थी।
इस योजना के तहत जेपी गंगा पथ के किनारे प्री-फैब्रिकेटेड दुकानों को स्थापित किया जा रहा था। बीते कई महीनों से इन दुकानों को लगाने का काम चल रहा था और लगभग 300 दुकानों को इंस्टॉल भी कर लिया गया था। खास बात यह थी कि इन दुकानों की डिजाइन में बिहार की लोकसंस्कृति और पारंपरिक कला की झलक दिखाई गई थी, ताकि स्थानीय पहचान को बढ़ावा मिल सके।
पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड की योजना थी कि खरमास समाप्त होने के बाद इन दुकानों का आवंटन शुरू किया जाए। इसके लिए प्रक्रिया लगभग तैयार भी मानी जा रही थी। हालांकि, इसी बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जेपी गंगा पथ क्षेत्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने दुकानों की डिजाइन, उपयोगिता और सौंदर्यीकरण को लेकर कुछ अहम सुझाव दिए।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद अब दुकानों की डिजाइन में बदलाव का निर्णय लिया गया है। जानकारी के अनुसार, पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड अब जयपुर और इंदौर जैसे शहरों की तर्ज पर नई डिजाइन तैयार करने पर विचार कर रही है। इन शहरों में विकसित वेंडिंग जोन न केवल सौंदर्य की दृष्टि से आकर्षक हैं, बल्कि पर्यटकों के लिए भी सुविधाजनक माने जाते हैं।
नई डिजाइन पर मंथन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन इसके चलते पूरी योजना कुछ समय के लिए लंबित हो गई है। अधिकारियों का मानना है कि अब दुकानों के आवंटन और पुनः स्थापना की प्रक्रिया में मार्च-अप्रैल तक का समय लग सकता है।
इस बीच सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि पहले से इंस्टॉल की जा चुकी प्री-फैब्रिकेटेड दुकानों का क्या होगा। इस मुद्दे पर अधिकारी स्तर पर विमर्श चल रहा है। संभावना जताई जा रही है कि इन दुकानों का उपयोग पटना के अन्य विकसित या प्रस्तावित वेंडिंग जोन में किया जा सकता है, ताकि सरकारी संसाधनों की बर्बादी न हो।
शहरवासियों और स्थानीय वेंडरों की नजरें अब इस फैसले पर टिकी हुई हैं। वेंडरों को जहां आवंटन में देरी की चिंता सता रही है, वहीं आम लोग उम्मीद कर रहे हैं कि नई डिजाइन के साथ जेपी गंगा पथ और अधिक आकर्षक और सुव्यवस्थित रूप में सामने आएगा। फिलहाल, पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड की ओर से अंतिम डिजाइन और नई समय-सारिणी का इंतजार किया जा रहा है।