बिहार में नशे की खेती: अफीम के खिलाफ पुलिस का बड़ा एक्शन, नष्ट की गई लाखों की फसल बिहार में भ्रष्टाचार पर बड़ा प्रहार: रिश्वतखोरी के मामले में दारोगा सेवा से बर्खास्त, DIG के एक्शन से हड़कंप Bihar CM : CM नीतीश ने RCD के बड़े अधिकारी को हड़काया, अधिकारी ने हाथ जोड़कर मांगी 1 महीने की मोहलत बिहार में रक्षा विभाग की 9.36 एकड़ जमीन से हटेगा अतिक्रमण, पांच सदस्यीय कमेटी गठित BIHAR NEWS : नाले से अज्ञात युवक का शव बरामद, इलाके में सनसनी; पुलिस पहचान में जुटी बीआरएबीयू में सर्टिफिकेट से हिंदी हटाने पर हंगामा, प्रमोशन पर भी शुरू हुई बहस UPSC Result: ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती के UPSC रिजल्ट पर विवाद, यूपी की आकांक्षा ने 301 रैंक पर दावा ठोका UPSC Result: ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती के UPSC रिजल्ट पर विवाद, यूपी की आकांक्षा ने 301 रैंक पर दावा ठोका पटना से बख्तियारपुर रवाना हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, गांव में लोगों और परिवार से करेंगे मुलाकात Bihar Workers : ETP टैंक में उतरते ही दम घुटने से बिहार के तीन मजदूरों की मौत, एक की हालत गंभीर
03-Mar-2025 02:06 PM
By First Bihar
Patna News : पटना जिले में दाखिल-खारिज के 97 प्रतिशत मामलों का निष्पादन कर दिया गया है। यह दावा जिला प्रशासन की ओर से किया गया है। कहा गया है कि जिलाधिकारी डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने राजस्व मामलों के प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान दाखिल-खारिज के 97 प्रतिशत से अधिक मामले निष्पादित पाए गए। अधिकारियों को दाखिल-खारिज के 75 दिन से अधिक एवं परिमार्जन प्लस के 35 दिन से अधिक लंबित मामलों को मिशन जीरो एक्सपायर्ड के तहत 22 मार्च तक शून्य करने का निर्देश दिया गया है। समीक्षा के दौरान कार्यों में शिथिलता को लेकर पांच अंचल अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है, जबकि एक अंचल अधिकारी के वेतन पर रोक लगाई गई है।
बिहटा के अंचल अधिकारी का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं पाया गया। वहां दाखिल-खारिज के 75 दिन से अधिक के 3448 मामले लंबित हैं। वर्ष 2023 का मामला भी वहां लंबित है। डिजिटाईज्ड जमाबंदी में सुधार के 15 दिनों में बिहटा में 373 आवेदन प्राप्त हुए, जिसमें केवल 170 का निष्पादन किया गया। इसी प्रकार ऑनलाइन अनुपलब्ध जमाबंदी के डिजिटाईजेशन में 15 दिनों में 106 आवेदन प्राप्त हुए, जिसमें 27 का ही निष्पादन किया गया। जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उनके वेतन पर रोक लगाने के साथ स्पष्टीकरण की भी मांग की है। डीएम ने कहा कि 31 मार्च तक अंचल अधिकारी का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं रहा तो उनके विरूद्ध प्रपत्र क गठित कर विभागीय कार्रवाई शुरू की जाएगी।
वहीं, संपतचक, धनरूआ, बेलछी, पालीगंज एवं घोसवरी के अंचल अधिकारियों ने 15 दिनों में ई-मापी के दो मामले ही निष्पादित किए, जबकि प्राप्त आवेदनों की संख्या काफी अधिक है। डीएम ने इन पांचों अंचल अधिकारियों से भी स्पष्टीकरण मांगा है और कार्यप्रणाली में तुरंत सुधार लाने का निर्देश दिया है। उन्होंने संबंधित अमीनों से भी इस आशय का स्पष्टीकरण लेने का निर्देश दिया है।