Vande Bharat Damage : इंडियन रेलवे को एक बार फिर पथराव की घटना ने चिंता में डाल दिया है। बिहार में महज तीन दिनों के भीतर दूसरी बार वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को शरारती तत्वों ने निशाना बनाया है। शनिवार को समस्तीपुर और दुबहा स्टेशन के बीच अज्ञात लोगों ने वंदे भारत ट्रेन पर पत्थर फेंके, जिससे चेयर कार कोच का एक शीशा टूट गया। राहत की बात यह रही कि जिस सीट के पास कांच टूटा, वहां बैठे यात्री पूरी तरह सुरक्षित रहे और किसी को कोई चोट नहीं आई। हालांकि, इस घटना ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।


घटना की सूचना मिलते ही रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (आरपीएफ) हरकत में आ गई। आरपीएफ ने मौके पर पहुंचकर छानबीन शुरू कर दी है और आसपास के इलाकों में पूछताछ की जा रही है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि पत्थरबाजी जैसी घटनाएं न केवल यात्रियों की जान के लिए खतरा हैं, बल्कि करोड़ों रुपये की लागत से तैयार अत्याधुनिक ट्रेनों को भी नुकसान पहुंचाती हैं।


इससे पहले भी बिहार में वंदे भारत एक्सप्रेस पर पथराव की घटना सामने आ चुकी है। हाल ही में गोरखपुर–पाटलिपुत्र वंदे भारत एक्सप्रेस को कांटी इलाके में निशाना बनाया गया था। उस घटना में ट्रेन की तीन बोगियों के शीशे टूट गए थे। जांच के दौरान सामने आया कि तीन नाबालिग लड़कों ने वीडियो और रील बनाने के उद्देश्य से ट्रेन पर पत्थर फेंके थे। उन्होंने इस पूरी घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल भी कर दिया था। पुलिस ने वायरल वीडियो के आधार पर कार्रवाई करते हुए तीनों नाबालिगों को पकड़ लिया था।


रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, मौजूदा घटना ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता और बढ़ा दी है, क्योंकि इस समय पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह भी इसी क्षेत्र में मौजूद हैं। उनके साथ समस्तीपुर रेलमंडल के डीआरएम ज्योति प्रकाश मिश्रा भी क्षेत्र का निरीक्षण कर रहे हैं। ऐसे में जोगबनी–दानापुर वंदे भारत एक्सप्रेस पर पथराव की घटना को गंभीरता से लिया जा रहा है। आरपीएफ की टीमें नारायणपुर और समस्तीपुर, दोनों मामलों की गहन जांच में जुटी हुई हैं।


जानकारी के अनुसार, शनिवार को वंदे भारत एक्सप्रेस समस्तीपुर से सुबह 9 बजकर 28 मिनट पर रवाना हुई थी और सुबह 10 बजकर 13 मिनट पर मुजफ्फरपुर पहुंची। इसी दौरान दुबहा के पास ट्रेन पर पत्थरबाजी की गई। घटना के बाद ट्रेन को दानापुर लाया गया, जहां क्षतिग्रस्त कांच को तुरंत बदलकर दुरुस्त कर दिया गया। रेलवे ने यह सुनिश्चित किया कि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और ट्रेन अपने निर्धारित समय पर आगे की यात्रा कर सके।


रेलवे प्रशासन ने एक बार फिर आम लोगों से अपील की है कि वे राष्ट्र की संपत्ति को नुकसान न पहुंचाएं। अधिकारियों का कहना है कि वंदे भारत जैसी आधुनिक ट्रेनें देश की तकनीकी प्रगति और आत्मनिर्भर भारत का प्रतीक हैं। इन पर हमला करना न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि देश की छवि को भी नुकसान पहुंचाता है।


गौरतलब है कि बिहार ही नहीं, बल्कि देश के कई अन्य राज्यों में भी इससे पहले वंदे भारत और अन्य स्पेशल ट्रेनों पर पथराव की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। हर बार सुरक्षा बलों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। इसके बावजूद शरारती तत्व अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। कई मामलों में यह सामने आया है कि सोशल मीडिया पर लाइक और व्यूज पाने के लिए युवा और नाबालिग ऐसे खतरनाक कदम उठा रहे हैं।


रेलवे और पुलिस प्रशासन अब इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए संयुक्त रणनीति पर काम कर रहा है। संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ाई जा रही है, सीसीटीवी कैमरों की मदद ली जा रही है और स्थानीय लोगों को भी जागरूक किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


कुल मिलाकर, वंदे भारत एक्सप्रेस पर लगातार हो रही पत्थरबाजी की घटनाएं रेलवे के लिए एक गंभीर चुनौती बन गई हैं। यदि समय रहते इन पर लगाम नहीं लगाई गई, तो यह यात्रियों की सुरक्षा और रेलवे की प्रतिष्ठा दोनों के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकता है।