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20-Dec-2025 10:38 AM
By First Bihar
Education Department Bihar : बिहार में सरकारी शिक्षा प्रणाली में सुरक्षा और निगरानी को और सशक्त बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने एक महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत करने की कवायद शुरू कर दी है। इस योजना के तहत राज्य के सभी सरकारी विद्यालयों की कक्षाओं में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। यह योजना लगभग चौदह महीने पहले प्रस्तावित की गई थी, लेकिन अब इसे नए साल से लागू करने की तैयारी अंतिम चरण में पहुंच गई है।
शिक्षा विभाग ने वित्त विभाग को इस योजना को लागू करने के लिए आवश्यक वित्तीय प्रावधानों के साथ प्रस्ताव भेजा है। इस प्रस्ताव के अनुसार, प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों की कक्षाओं में चरणबद्ध तरीके से सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इस योजना के जरिए न केवल कक्षाओं में शिक्षा गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी, बल्कि शिक्षकों और छात्रों की सुरक्षा, स्कूलों में अनुशासन, और मध्याह्न भोजन योजना (Mid-Day Meal Scheme) के क्रियान्वयन की निगरानी भी सुनिश्चित की जाएगी।
शिक्षा विभाग के तत्कालीन अपर मुख्य सचिव डॉ. एस. सिद्धार्थ ने 10 नवंबर 2024 को इस योजना की जानकारी साझा की थी। उनका कहना था कि राज्य के सभी सरकारी विद्यालयों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की पहल छात्रों और शिक्षकों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, योजना के पहले चरण में उच्च माध्यमिक विद्यालयों की बारहवीं कक्षाओं में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इसके सफल होने के बाद विभाग ने फैसला किया कि नई प्रक्रिया को आठवीं, नौवीं, दसवीं और ग्यारहवीं कक्षाओं में भी लागू किया जाएगा। इसके बाद प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में चरणबद्ध तरीके से सीसीटीवी कैमरे लगाने का कार्य पूरा किया जाएगा।
राज्य में कुल नौ हजार 360 माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालय हैं। इसके अतिरिक्त, 40 हजार 566 प्राथमिक विद्यालय और 31 हजार 297 मध्य विद्यालय हैं। इन सभी विद्यालयों की कक्षाओं में सीसीटीवी कैमरे लगाना एक बड़ी चुनौती है, लेकिन शिक्षा विभाग का उद्देश्य है कि प्रत्येक विद्यालय में कक्षाओं की निगरानी सुनिश्चित की जाए।
क्योंकि सीसीटीवी कैमरे लगाने में काफी खर्च आता है, इसलिए विभाग ने निचली कक्षाओं में कैमरे लगाने को धीरे-धीरे लागू करने की योजना बनाई है। इससे बजट पर नियंत्रण रखा जा सकेगा और योजना को सफलतापूर्वक पूरे राज्य में क्रियान्वित किया जा सकेगा।
सीसीटीवी कैमरों के जरिए केवल शिक्षा गतिविधियों पर ही नजर नहीं रखी जाएगी, बल्कि बच्चों की सुरक्षा, शिक्षकों की ड्यूटी, स्कूल में अनुशासन, तथा मध्याह्न भोजन योजना के सही क्रियान्वयन पर भी निगरानी रखी जाएगी। शिक्षा विभाग का मानना है कि यह पहल स्कूलों में अनुशासन और सुरक्षा को बढ़ाने के साथ-साथ माता-पिता में विश्वास भी बढ़ाएगी कि उनके बच्चे सुरक्षित और नियंत्रित वातावरण में पढ़ाई कर रहे हैं।
वर्तमान में शिक्षा विभाग तकनीकी विशेषज्ञों और प्रबंधकों के साथ मिलकर इस योजना के क्रियान्वयन के लिए तैयारियों को अंतिम रूप दे रहा है। विभाग ने कहा है कि प्रत्येक विद्यालय में सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए तकनीकी जांच और बिजली, नेटवर्क कनेक्टिविटी जैसी आवश्यकताओं का ध्यान रखा जाएगा। साथ ही, शिक्षक और प्रशासनिक स्टाफ भी इस नई व्यवस्था के प्रशिक्षण से गुजरेंगे ताकि उन्हें कैमरों की निगरानी और रखरखाव की सही जानकारी हो।
बिहार सरकार की इस पहल को शिक्षा जगत में एक बड़े सुधार के रूप में देखा जा रहा है। राज्य के सभी सरकारी विद्यालयों में सीसीटीवी कैमरे लगने के बाद शिक्षा विभाग को कक्षा स्तर पर निगरानी और नियंत्रण में भी काफी मदद मिलेगी। इसे लागू करने से पहले विभाग ने pilot प्रोजेक्ट के रूप में कुछ स्कूलों में परीक्षण किया है, जिसमें सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
शिक्षा विभाग का लक्ष्य है कि अगले कुछ वर्षों में पूरी राज्य की शिक्षा प्रणाली को आधुनिक तकनीकी उपकरणों के माध्यम से सुरक्षित और पारदर्शी बनाया जाए। इस योजना के सफल क्रियान्वयन से बिहार में सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर में सुधार के साथ-साथ बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। इस प्रकार, नए साल से बिहार के सभी सरकारी स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना न केवल एक तकनीकी पहल है, बल्कि यह शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, सुरक्षा और अनुशासन लाने का भी महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।